मॉरीशस: मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने आज मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ से नवाजा। नवीनचंद्र रामगुलाम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के उनके प्रयासों के चलते इस सम्मान से नवाजा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय हैं। यह किसी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया जाने वाला 21वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार हैं।
बता दें पीएम मोदी इस समय मॉरीशस के प्रधानमंत्री रामगुलाम के निमंत्रण पर इस द्वीपीय देश की यात्रा पर हैं। इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी वीना रामगुलाम को ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड जारी करने की घोषणा की। यह निर्णय मॉरीशस के साथ अपने प्रवासी समुदाय और द्विपक्षीय संबंधों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ओसीआई कार्ड सामुदायिक कार्यक्रम की शुरुआत में सौंपे गए, जिसमें मॉरीशस कैबिनेट के सदस्यों सहित 3,500 से अधिक लोगों ने भाग लिया। घोषणा के बाद रामगुलाम ने कहा, “यह मेरे और मेरी पत्नी के लिए सुखद आश्चर्य का पल है।।” मार्च 2024 में भारत ने भारतीय वंश के मॉरीशस के नागरिकों के लिए OCI कार्ड पात्रता बढ़ा दी थी, जिसका सात पीढ़ियों तक पता लगाया जा सकता है। देश में 22,188 भारतीय नागरिक और 13,198 OCI कार्ड धारक हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि मॉरीशस के लोगों ने, यहां की सरकार ने, मुझे अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने का फैसला लिया है। मैं आपके निर्णय को विनम्रता से स्वीकार करता हूं। ये भारत और मॉरीशस के ऐतिहासिक रिश्तों का सम्मान है।
भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं 10 साल पहले इसी दिन मॉरीशस आया था। यह होली के एक सप्ताह बाद था और मैं अपने साथ ‘फगवा’ की खुशी लेकर आया था। इस बार मैं होली के रंगों को अपने साथ भारत ले जाऊंगा। पीएम मोदी ने कहा कि मैं जब भी मॉरीशस आता हूं तो लगता है कि अपनों के बीच ही आया हूं। यहां की मिट्टी में कितने ही हिन्दुस्तानियों का, हमारे पुरखों का खून पसीना मिला हुआ है। हम सब एक परिवार ही तो हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने प्रभु राम और रामायण के लिए आस्था और भावना को सालों पहले अनुभव किया था, जो आज भी वे महसूस करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई, तो भारत में उत्साह का वही ज्वार मॉरीशस में भी देखा गया। मॉरीशस ने उस समय आधे दिन की छुट्टी भी घोषित की थी, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रभु राम और रामायण के प्रति आस्था और भावना केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विश्वभर में फैली हुई है।।
प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरीशस के साथ भारत के आस्था और मित्रता के बंधन पर जोर दिया। उन्होंने महाकुंभ में बड़ी संख्या में लोगों के आने का उल्लेख किया और मॉरीशस के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए महाकुंभ का पवित्र जल अपने साथ लाने की घोषणा की। यह जल गंगा तलाब में अर्पित किया जाएगा, जो एक सुखद संयोग है क्योंकि 50 साल पहले भी ऐसा ही किया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ने कहा कि मॉरीशस के अनेक परिवार अभी-अभी महाकुंभ में भी होकर आए हैं। दुनिया को आश्चर्य हो रहा है। मानव इतिहास का ये विश्व का सबसे बड़ा समागम था। 65-66 करोड़ लोग इसमें पहुंचे थे। मैं महाकुंभ के समय का ही संगम का पावन जल लेकर आया हूं जिसे यहां कल गंगा तालाब को अर्पित किया जाएगा।

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