आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो सकता है। तेल उत्पादकों के मंच ओपेक के सदस्य देशों ने कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती का फैसला लिया है। यही वजह है कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की आशंका है।
एक खबर के अनुसार ओपेक के सदस्य देशों और रूस जैसे उनके अन्य मित्र उत्पादक देशों के बीच कच्चे तेल के रोजाना उत्पादन में 5 लाख बैरल की अतिरिक्त कमी करने की सहमति बनी है। यह समझौता नए साल यानी 1 जनवरी से लागू होगा।
उत्पादक देशों का मानना है कि इस समय वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति जरूरत से ज्यादा है, इससे कीमतें नीचे आने का जोखिम है। इससे पहले इन देशों में उत्पादन को अक्टूबर 2018 के स्तर से 12 लाख बैरल कम करने का समझौता हुआ था। जुलाई में इस समझौते को और आगे के लिए प्रभावी कर दिया गया। कटौती मार्च 2020 तक बनाए रखने का निर्णय हुआ था।

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