उज्जैन(डॉ हीना तिवारी): पवित्र श्रावण माह का आज तीसरा सोमवार होने के कारण आज सुबह से ही शिव मंदिरों में भक्तो का ताँता लगा हुवा हैं। भक्त भोले बाबा की कृपा प्राप्त करने के लिए दर्शन पूजन अभिषेक कर रहे हैं। उज्जैन के महाकालेश्वर मन्दिर में दर्शन हेतु श्रद्धालु देर रात से ही कतार में लगे हुए हैं।
रात्रि ढाई बजे मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद तीन बजे बाबा महाकाल की भस्मारती शुरू हुई। जिसके बाद हजारो श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिए। श्रावण मास भगवान भोलेनाथ का सबसे प्रिय माह माना गया है। मान्यता है की श्रावण माह में शिव आराधना करने से सभी कष्टो से तुरन्त मुक्ति मिलती है।
श्रावण के सोमवार पर आज महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की विशेष भस्मारती की गई। भस्मारती के पहले बाबा को जल से नहलाकर महा पंचामृत अभिषेक किया गया जिसमे दूध, दही, घी, शहद व फलो के रसो से अभिषेक हुआ। अभिषेक के बाद भांग और चन्दन से भोलेनाथ का आकर्षक श्रंगार किया गया और भगवान को वस्त्र धारण कराये गए। ततपश्चात बाबा को भस्म चढाई गई। भस्मिभूत होने के बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े व शंखनाद के साथ बाबा की भस्मार्ती की गई। भक्त आज के दिन का विशेष इंतजार करते हैं इसलिए आज महाकाल के दरबार में सुबह से ही उत्साह और आनंद का माहोल हैं। लम्बी लम्बी कतार बाबा के दर्शन के लिए लगी हुई हैं। बोल बम,हर हर महादेव,जय श्री महाकाल के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो रहा हैं। हर कोई बाबा महाकाल की भक्ति में लीन नजर आ रहा हैं।
श्रावण – भादो माह में सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकाले जाने की भी परंपरा हे। इसलिए आज शाम को बाबा की सवारी भी निकाली जाएगी । मान्यता हे की अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए सवारी के रूप में राजा महाकाल नगर भ्रमण पर निकलते हे। यहाँ बाबा की सवारी के दर्शन के लिए लाखो की संख्या में श्रद्धालु सडको के किनारे घंटो इन्तजार करते हे और महाकाल की एक झलक पा कर अपने आप को धन्य मानते हैं।
श्रावण माह का तीसरा सोमवार होने से बाबा महाकाल के दर्शन के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा है। बड़ी संख्या में भक्तों के आने से मंदिर समिति व प्रशासन द्वारा भी व्यापक व्यवस्थाएं की गई।

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