September 7, 2026

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Nouradehi Tiger Reserve Tigress Attack Saugor Forest Department: बीमारी और कमजोरी के चलते बदला था बाघिन का व्यवहार, डॉक्टरों की निगरानी में हुआ सफल इलाज

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) में वन विभाग के दो कर्मचारियों पर हमला करने वाली बाघिन अब पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी है। बीमारी और गंभीर कमजोरी के चलते जिस बाघिन के व्यवहार में अचानक बदलाव आ गया था, उसका पिछले दो महीने से जबलपुर स्थित ‘स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ’ में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज चल रहा था। अब डॉक्टरों की टीम ने उसे जंगल में वापस छोड़ने के लिए पूरी तरह फिट घोषित कर दिया है।

🩺 5 जुलाई को हुआ था हमला, जांच में नहीं हुई घातक वायरस की पुष्टि और अब अधिकारियों के निर्णय पर टिकी नजरें

सागर के डीएफओ रजनीश सिंह के अनुसार, 5 जुलाई को नियमित निरीक्षण के दौरान बाघिन ने वन कर्मचारियों बाबूलाल और मंजू ठाकुर पर हमला कर घायल कर दिया था, जिसके बाद लगातार 5 दिन की मशक्कत कर उसे ट्रेंकुलाइज किया गया था। पिछले दिनों मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व में ‘कैनाइन डिस्टेंपर वायरस’ (CDV) के मामलों को देखते हुए विभाग चिंतित था, लेकिन जबलपुर में हुई जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई और बाघिन सामान्य कमजोरी व बीमारियों से जूझ रही थी। अब जबलपुर के डायरेक्टर डॉ. आरके शर्मा ने बताया कि बाघिन रोजाना 5 से 6 किलो मांस खा रही है और पूरी तरह सक्रिय है। डॉक्टरों द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद अब वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्णय लेना है कि इस स्वस्थ हो चुकी बाघिन को किस सुरक्षित स्थान पर दोबारा जंगल में छोड़ा जाएगा।

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