September 7, 2026

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Ashok Sahu Bina Eco Friendly Ganesha Idol Guinness Book Request: 35 किलो कच्चे पुंगे और 148 दिनों की मेहनत से तैयार हुई बप्पा की मूर्ति, विसर्जन से नहीं होगा प्रदूषण

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना में गणेश चतुर्थी के अवसर पर एक बेहद अनूठी और आकर्षक प्रतिमा सामने आई है जो हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। यहाँ स्थानीय 74 वर्षीय मूर्ति कलाकार अशोक साहू ने स्नैक्स में इस्तेमाल होने वाले कच्चे पुंगे से 6 फीट ऊंची भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा तैयार की है। इसे बनाने में कुल 35 किलोग्राम यानी लगभग 28 हजार कच्चे पुंगे और फेविकोल का उपयोग किया गया है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती इस ईको-फ्रेंडली प्रतिमा को बनाने में मूर्तिकार को 4 महीने से अधिक यानी कुल 148 दिनों का समय लगा है।

🌱 पिछले 39 सालों से ईको-फ्रेंडली मूर्तियां बना रहे हैं अशोक साहू, गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने की उठी मांग

अशोक साहू पिछले 39 वर्षों से हर साल गणेश चतुर्थी के अवसर पर सिर्फ एक ही अनोखी ईको-फ्रेंडली प्रतिमा बनाते हैं। इस साल उन्होंने बच्चों के पसंदीदा कच्चे पुंगे से बप्पा का स्वरूप गढ़ा है, जिसमें उनके वस्त्र, सिंहासन, मुकुट, हार और वाहन चूहे को भी इन्हीं पुंगों से तैयार किया गया है। मूर्ति में देशी और सुनहले रंगों का प्रयोग हुआ है ताकि विसर्जन के दौरान जल स्त्रोतों या जलीय जीवों को कोई नुकसान न पहुंचे। इससे पहले वे घी, मूंगफली, मखाना, दाल, चना, साबूदाना, माचिस की तीली और धनिया जैसी चीजों से भी गणेश प्रतिमाएं बना चुके हैं। बीना साहू समाज के अध्यक्ष सुरेंद्र साहू ने बताया कि मूर्तिकार के इस अद्वितीय और निस्वार्थ प्रयास के लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने की मांग की जा रही है।

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