भोपाल। मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई से ठीक पहले एक बार फिर आफत की बारिश का दौर शुरू होने वाला है। मानसून ने रविवार को ही प्रदेश के कई जिलों में अपना उग्र रूप दिखाकर इसका ट्रेलर दे दिया है। बंगाल की खाड़ी में बने एक बेहद ताकतवर मौसम सिस्टम की वजह से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी तीन दिनों तक राज्य के विभिन्न अंचलों में तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
🌀 बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन: 22 से 24 सितंबर के बीच दिखेगा सबसे ज्यादा असर
आईएमडी (IMD) के अनुसार, अंडमान सागर और उसके आसपास के क्षेत्र में सक्रिय हुआ कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) अब आगे बढ़कर बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत डीप डिप्रेशन (Deep Depression) में तब्दील हो चुका है।
इसके व्यापक असर से 22 सितंबर से प्रदेश में तेज बारिश का एक और नया दौर शुरू होगा। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस सिस्टम का सबसे घातक और व्यापक असर 24 सितंबर को मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिलेगा।
⚡ इन जिलों में हो सकती है मूसलाधार बारिश: 24-25 सितंबर को बढ़ेगी रफ्तार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम, इटारसी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडौरी और सिवनी सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर अति-भारी बारिश हो सकती है।
विशेष रूप से 24 और 25 सितंबर के दौरान प्रदेश भर में बारिश की रफ्तार और ज्यादा तीव्र होने की आशंका जताई गई है।
🌩️ भोपाल-जबलपुर में तूफानी बारिश: नर्मदापुरम में पेड़ गिरने से छाया ब्लैकआउट
इससे पहले रविवार दोपहर से शाम के बीच जबलपुर, भोपाल और नर्मदापुरम समेत कई संभागों में तेज अंधड़ और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई।
राजधानी भोपाल के कई इलाकों में हुई जोरदार बारिश से सड़कों पर पानी भर गया, हालांकि यहां इस सीजन का बारिश का कोटा पहले ही पूरा हो चुका है। वहीं, नर्मदापुरम में तेज तूफानी हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण कई स्थानों पर बड़े पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे शहर में कुछ समय के लिए ब्लैकआउट की स्थिति निर्मित हो गई।
📉 पश्चिमी जिलों में इस बार सामान्य से काफी कम बारिश: जानिए आंकड़ों का हाल
चालू मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक ओवरऑल 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
प्रदेश के पूर्वी जिलों की तुलना में पश्चिमी हिस्सों में बारिश का आंकड़ा काफी निराशाजनक रहा है। इंदौर, देवास, धार, हरदा, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य औसत से 5% से लेकर 49% तक कम बारिश हुई है।
☔ भोपाल में लगातार 5वें साल रिकॉर्ड तोड़ बारिश: सितंबर में भी मेहरबान हुए इंद्रदेव
राजधानी भोपाल में पिछले 5 सालों से मानसून के सीजन में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की जा रही है।
इंद्रदेव इस बार सितंबर के महीने में भी भोपाल पर पूरी तरह मेहरबान रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में सितंबर महीने में औसत बारिश का कोटा 7 इंच होता है, लेकिन पिछले 5 वर्षों का रिकॉर्ड देखें तो हर बार सितंबर में तय कोटे से अधिक बारिश दर्ज की जा रही है।

More Stories
High Court Landmark Judgment: वैज्ञानिक साक्ष्य के अभाव में बरी हुआ दुष्कर्म का आरोपी, सिवनी जिला अदालत ने सुनाई थी सजा
MP Teachers News Today: क्या टीईटी पास न करने पर जाएगी नौकरी? जानें सुप्रीम कोर्ट के आदेश और एमपी के शिक्षकों के विरोध का पूरा सच
Pitru Paksha Date & Vidhi: पितृ ऋण से मुक्ति के लिए गया जी और बद्रीनाथ में कैसे करें पिंडदान? पंडित जी से जानें नियम