भोपाल। देश से मानसून की विदाई के बावजूद नए मौसमी बदलावों के चलते मध्य प्रदेश के कई जिलों में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 15 से 17 अक्टूबर के बीच पूर्वी, उत्तरी और बुंदेलखंड के क्षेत्रों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई थी। इसी कड़ी में गुरुवार शाम श्योपुर जिले में अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई। बेमौसम हुई इस बारिश से खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान की आशंका है, जिससे किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
⚡ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बदला मौसम, किसानों ने बयां किया अपना दर्द
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, उत्तरी पाकिस्तान की तरफ से आ रहा एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ट्रफ के रूप में आगे बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव से राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में मौसम प्रणाली सक्रिय हो गई है। श्योपुर के किसान जतिन राजपूत ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि अचानक आए आंधी-तूफान और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। पहले अतिवृष्टि ने फसल को तबाह किया और अब इस बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर ग्रहण लगा दिया है। खेतों में पानी भरने से कटी हुई और पक चुकी फसल की कटाई प्रभावित हो रही है।
⚠️ आज और कल इन जिलों में बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने दी चेतावनी
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि शुक्रवार को भिंड, मुरैना, ग्वालियर और श्योपुर जैसे जिलों में बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा 17 अक्टूबर को ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ-साथ उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कुछ हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। प्रशासन और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढंककर रखें ताकि नुकसान से बचा जा सके।

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