October 16, 2026

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Sanatan Ekta Rath Yatra: 500 किमी की यात्रा के बाद छतरपुर में समापन, नशामुक्ति और जातपात को लेकर उठे नए सियासी सवाल

छतरपुर। बाबा बागेश्वर की 5 दिन में 500 किलोमीटर की चर्चित ‘सनातन हिंदू एकता रथयात्रा’ का समापन गुरुवार रात छतरपुर में भव्य रूप से हुआ। इस रथयात्रा के माध्यम से पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नशामुक्ति, जातपात और छुआछूत जैसी कुप्रथाओं को खत्म करने पर जोर दिया। नशे पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि “नशा नाश की जड़ है और मध्य प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी होनी चाहिए।” अपनी इस 5 दिवसीय यात्रा के दौरान बाबा बागेश्वर ने अजयगढ़, पन्ना, अमानगंज, पवई, हटा, दमोह, गढ़ाकोटा, सागर, बंडा, शाहगढ़, घुवारा और टीकमगढ़ समेत विभिन्न क्षेत्रों में जनसम्पर्क कर लोगों को जागरूक किया। छतरपुर में यह यात्रा आधी रात पहुँची, जहाँ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ इसका समापन किया गया।

🍷 शराबबंदी की मांग से क्या राज्य सरकार के सामने बढ़ेगी मुश्किलें? राजनीतिक गलियारों में शुरू हुई चर्चा

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बाबा बागेश्वर द्वारा शराबबंदी की अचानक उठाई गई इस नई मांग ने राज्य सरकार के सामने एक नया असमंजस खड़ा कर दिया है। पहले से आर्थिक दबाव झेल रही सरकार के लिए शराबबंदी लागू करके अपने राजस्व (रेवेन्यू) का बड़ा नुकसान उठाना आसान नहीं होगा। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भी लंबे समय तक शराबबंदी के लिए मुखर होकर आंदोलन कर चुकी हैं, लेकिन सरकार ने इस पर कदम नहीं उठाया था। समापन अवसर पर बाबा बागेश्वर ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि ‘राम नैतिक यात्रा’ थी, जिसका उद्देश्य समाज को नशे से मुक्त करना और लगभग 3000 गांवों तक जागरूकता का संदेश पहुँचाना था।

🗣️ अनिरुद्धाचार्य के बयान पर छिड़ी नई बहस, पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने साधा तीखा निशाना

रथयात्रा के दौरान रथ पर सवार संत अनिरुद्धाचार्य के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी। अनिरुद्धाचार्य ने कहा था कि “हमें जातपात स्वीकार है, सिर्फ छुआछूत की करो विदाई,” जबकि इसके विपरीत बाबा बागेश्वर लगातार “जातपात की करो विदाई” का नारा देते रहे। इस वैचारिक भिन्नता पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने तीखा हमला बोला और कहा कि “ये सब ढोंगी हैं और बीजेपी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब सभी इंसान एक ही परम पिता की संतान हैं, तो फिर जातपात स्वीकार करने जैसी बात कैसे कही जा सकती है।

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