October 30, 2026

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MP Lokayukta Action Panna: मझगाय बांध निर्माण का मामला, ठेकेदार से रिश्वत लेते डिवीजनल अकाउंटेंट और क्लर्क अरेस्ट

पन्ना । मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लोकायुक्त सागर की टीम ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जल संसाधन विभाग (Water Resources Department) के दो कर्मचारियों को 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में डिवीजनल अकाउंटेंट (लेखपाल) दीपक परिहार और लिपिक अरविंद पाठक शामिल हैं।

यह कार्रवाई मझगाय बांध की नहर निर्माण का अंतिम बिल (Final Bill) पास करने के एवज में की जा रही थी। लगातार तीन महीने तक दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर परेशान होने के बाद ठेकेदार ने आखिरकार लोकायुक्त पुलिस से इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से इस ट्रैप को अंजाम दिया।

🌊 चर्चित मझगाय बांध का निर्माण और भ्रष्टाचार के आरोप

पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में बन रहा मझगाय बांध एक बेहद चर्चित प्रोजेक्ट रहा है, जिसे लेकर पिछले 40 दिनों से आदिवासी समुदाय अपने हक और अधिकारों के लिए लगातार आंदोलनरत था। इसके अलावा अमित भटनागर द्वारा इस प्रोजेक्ट में भारी भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए थे।

लोकायुक्त पुलिस द्वारा कुछ समय पहले केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापित गांवों के आदिवासियों से रिश्वत लेने के मामले में भी जल संसाधन विभाग के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। अब यह दूसरा बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक ठेकेदार को उसका भुगतान जारी करने के एवज में खुलेआम रिश्वत मांगी जा रही थी।

💍 पत्नी के गहने गिरवी रखने को मजबूर हुआ ठेकेदार, महीनों तक लगाता रहा चक्कर

ग्वालियर निवासी ठेकेदार गौरव तोमर ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वह मझगाय बांध में नहर का कार्य कर रहा था और उसका निर्माण कार्य पूरी तरह से पूर्ण हो चुका था।

  • परेशानी का दौर: उसके तीन पेमेंट पहले मिल चुके थे, लेकिन अंतिम भुगतान (Final Payment) को जारी करने के नाम पर लिपिक अरविंद पाठक और लेखपाल दीपक परिहार उसे लगातार बेवजह परेशान कर रहे थे।
  • ग्वालियर से पन्ना के चक्कर: चूंकि वह ग्वालियर में निवास करता था, इसलिए बार-बार फोन और निवेदन करने के बावजूद अधिकारी उसका काम नहीं कर रहे थे। स्थिति इतनी बदतर हो गई थी कि पेमेंट न मिलने के कारण उसे अपनी पत्नी के गहने तक गिरवी रखने पड़े थे।
🕵️‍♂️ लोकायुक्त सागर की टीम ने सत्यापन के बाद बिछाया जाल, रंगे हाथों धरे गए आरोपी

हर तरफ से निराश होने के बाद ठेकेदार ने पन्ना पहुंचकर आरोपी लिपिक और लेखपाल से मुलाकात की, जिन्होंने काम के एवज में 45,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।

  • लोकायुक्त में शिकायत: इस प्रताड़ना से तंग आकर उसने तुरंत लोकायुक्त कार्यालय सागर में इसकी गुप्त शिकायत दर्ज कराई।
  • सत्यापन और ट्रैप: लोकायुक्त टीम द्वारा मामले का गोपनीय सत्यापन कराया गया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद योजना के तहत बुधवार को पन्ना स्थित जल संसाधन विभाग के डिवीजन कार्यालय में ट्रैप की कार्रवाई की गई।
  • रिश्वत लेते गिरफ्तारी: लोकायुक्त टीम ने लिपिक अरविंद पाठक को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए और लेखपाल दीपक परिहार को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।

डीएसपी लोकायुक्त सागर कमल सिंह उईके ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ग्वालियर निवासी ठेकेदार गौरव तोमर की शिकायत का गुप्त सत्यापन कराने के बाद यह सफल कार्रवाई की गई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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