October 17, 2026

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MP Legal Metrology Update: बाट-तराजू और पेट्रोल पंप मशीनों के सत्यापन शुल्क तय, 30 दिन में लाइसेंस मिलने की बाध्यता खत्म

भोपाल। मध्य प्रदेश में नाप-तौल के उपकरण बनाने, बेचने और उनकी मरम्मत करने से जुड़े छह प्रमुख लाइसेंसों को ‘लोक सेवा गारंटी अधिनियम’ के दायरे से बाहर कर दिया गया है। इस बदलाव के बाद अब इन लाइसेंसों को जारी करने और उनके नवीनीकरण की 30 दिन की अनिवार्य समय-सीमा समाप्त हो गई है। हालांकि, उपभोक्ताओं और ग्राहकों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तराजू, इलेक्ट्रॉनिक कांटे, पेट्रोल-डीजल पंप की मशीनों और अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली बीपी मशीनों के लिए आधिकारिक सत्यापन शुल्क (Verification Fees) तय कर दिए गए हैं। इसके अलावा, अमानक बाट-तराजू का उपयोग कर ग्राहकों को कम तौलने वाले कारोबारियों पर 1 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान भी किया गया है।

💰 तय की गईं सत्यापन की दरें, पेट्रोल पंप और बड़े कांटों के लिए देना होगा निर्धारित शुल्क

लोक सेवा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव अरुण परमार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निर्माता, विक्रेता और मरम्मतकर्ता के नए लाइसेंस व नवीनीकरण अब इस अधिनियम के अंतर्गत नहीं आएंगे। सरकार ने विभिन्न उपकरणों के लिए सत्यापन की दरें स्पष्ट कर दी हैं—जैसे पेट्रोल-डीजल पंप के लिए 3,000 रुपये प्रति पंप, सीएनजी और एलपीजी डिस्पेंसर के लिए 5,000 रुपये प्रति यूनिट, 20 किलोग्राम तक के इलेक्ट्रॉनिक कांटे के लिए 200 रुपये, 5 टन से अधिक क्षमता वाले बड़े कांटों के लिए 5,000 रुपये और अस्पतालों की बीपी मशीनों के सत्यापन के लिए 200 रुपये की दर निर्धारित की गई है।

🏭 कारोबारियों के लाइसेंस शुल्क तय, कम तौलने पर कसगा शिकंजा

नए नियमों के तहत उपकरण निर्माताओं के लाइसेंस के लिए 1.50 लाख रुपये, विक्रेताओं के लिए 1 लाख रुपये और मरम्मतकर्ताओं के लिए 50,000 रुपये का शुल्क तय किया गया है। हालांकि समय-सीमा की बाध्यता खत्म होने से कारोबारियों को अब आवेदन के त्वरित निपटारे की कानूनी गारंटी नहीं मिलेगी, लेकिन दूसरी तरफ यदि कोई व्यापारी बिना पंजीयन या अमानक बाट-तराजू के जरिए ग्राहकों को कम तौलता है, तो विभाग द्वारा उस पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।

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