October 16, 2026

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MP IAS Transfer Controversy: दूषित पानी से 36 मौतों के मामले में घिरे अधिकारी को नई पोस्टिंग, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

इंदौर। इंदौर के चर्चित भागीरथपुरा कांड में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद सस्पेंड किए गए आईएएस अधिकारी रोहित सिसोनिया को रायसेन जिले का नया कलेक्टर बनाए जाने पर राजनीतिक बवाल मच गया है। इस नियुक्ति के विरोध में अब कांग्रेस पार्टी ने कानूनी रास्ता अपनाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। विपक्षी दलों का कहना है कि जांच आयोग की रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बावजूद ऐसे अधिकारियों को मलाईदार पदों पर उपकृत करना जनता की भावनाओं के साथ सरासर खिलवाड़ है।

📋 क्या था भागीरथपुरा कांड और क्यों उठे थे सवाल?

बीती 2 जनवरी को इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के सेवन से 36 लोगों की मौत का मामला सामने आया था, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। इस गंभीर लापरवाही के चलते राज्य सरकार ने तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव के साथ-साथ नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव को भी निलंबित करने की घोषणा की थी। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित जांच आयोग की रिपोर्ट में भी इन अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया था। हालांकि, आयोग की रिपोर्ट पर कोई ठोस कार्रवाई होने से पहले ही वल्लभ भवन से जारी प्रशासनिक सूची में रोहित सिसोनिया को रायसेन का कलेक्टर बना दिया गया।

⚖️ सरकार के फैसले के खिलाफ कल हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगी कांग्रेस

निसंतान और पीड़ित परिवारों की पीड़ा का हवाला देते हुए इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष एवं नगर निगम में प्रतिपक्ष के नेता चिंटू चौकसे ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना जांच रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय लिए इस अधिकारी को पुनर्जीवित कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट पर स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसे अधिकारियों को प्रशासनिक पदों से दूर रखा जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर कांग्रेस अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से कल ही हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगी ताकि इस नियुक्ति पर रोक लगाई जा सके।

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