मुरैना जिले के जौरा और कैलारस क्षेत्र में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। लगातार दो दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण पगारा बांध का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया और शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात जलस्तर 658 फीट तक पहुँच गया, जबकि इसकी क्षमता 656 फीट है। पानी का अत्यधिक दबाव बनते ही पगारा डैम के सभी छह ऑटोमेटिक गेट इस मानसून सीजन में पहली बार स्वतः खुल गए। गेट खुलते ही आसन नदी में सैलाब आ गया, जिससे जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे 32 गांवों में बाढ़ का कड़ा अलर्ट जारी कर दिया है।
🚨 भैंसोरा तालाब टूटा, रीझौनी मार्ग का नया पुल डूबा और 15 ग्रामीणों का सुरक्षित रेस्क्यू
कैलारस क्षेत्र में भारी बारिश के चलते भैंसोरा गांव का बड़ा तालाब एक बार फिर दबाव सहन न कर पाने के कारण टूट गया, जिससे किसानों की 100 से 200 बीघा जमीन में खड़ी फसल खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, सोन नदी पर महज डेढ़ महीने पहले 15 जुलाई 2026 को ही लोकार्पित हुआ 3.50 करोड़ की लागत का रीझौनी मार्ग का नया पुल भी 2 से 3 फीट पानी में डूब गया, जिससे 16 गांवों का संपर्क कट गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए जौरा एसडीएम शुभम शर्मा और एसडीओपी नितिन बघेल की टीम ने निमांस, जौनारा और सिकरौदा गांवों में फंसे करीब 15 ग्रामीणों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें स्कूल में ठहराया है।

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