September 6, 2026

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Gwalior Pharmacist Vikas Yadav Suspended CMHO MS Sagar: ग्वालियर में फार्मासिस्ट विकास यादव निलंबित, आउटसोर्स कर्मचारियों के भुगतान में वित्तीय अनियमितता का मामला

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में आउटसोर्स कर्मचारियों के सेवायोजन, अभिलेख संधारण और उनके वेतन भुगतान में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. एमएस सागर ने आदेश जारी करते हुए फार्मासिस्ट ग्रेड-दो विकास यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रारंभिक जांच में वित्तीय गड़बड़ियों और अपने कर्तव्यों के निर्वहन में भारी लापरवाही बरतने का मामला सामने आने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सिविल अस्पताल डबरा तय किया गया है, जहाँ उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

📋 स्वीकृत पदों से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी रखे, शासन पर पड़ा अतिरिक्त वित्तीय भार

सामने आई जांच रिपोर्ट के मुताबिक, आउटसोर्स शाखा के कामकाज की जब गहराई से पड़ताल की गई तो कई चौंकाने वाली अनियमितताएं उजागर हुईं। जांच में यह स्पष्ट रूप से पाया गया कि विभाग में स्वीकृत पदों और निर्धारित संख्या से कहीं अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को काम पर रख लिया गया था। इसके कारण स्वीकृत और वास्तविक रूप से कार्यरत कर्मचारियों की संख्या में अनावश्यक वृद्धि हो गई, जिससे शासन के राजकोष पर भारी वित्तीय दायित्व और बोझ बढ़ गया। बताया जा रहा है कि यह नियुक्तियां तत्कालीन सीएमएचओ के कार्यकाल के दौरान की गई थीं।

🚗 बिना वाहन के ड्राइवरों को रखा और अभिलेखीय सत्यापन में भी मिली भारी लापरवाही

इस मामले की एक और बड़ी परत तब खुली जब यह सामने आया कि कुछ आउटसोर्स ड्राइवरों को भी सेवायोजित कर लिया गया, जबकि संबंधित स्वास्थ्य इकाई में उनके उपयोग के लिए न तो कोई शासकीय वाहन उपलब्ध था और न ही कोई अनुबंधित वाहन संचालित हो रहा था। इस तरह बिना काम के ड्राइवरों को रखे जाने से अपेक्षित सेवाओं का लाभ नहीं मिल सका। इसके अलावा, आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि आउटसोर्स शाखा के प्रभारी के रूप में विकास यादव ने अभिलेखों के सत्यापन, पर्यवेक्षण और नियंत्रण में गंभीर लापरवाही बरती, जिसके कारण शासन को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

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