August 20, 2026

News Prawah

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Mandla Tiger Attack: कान्हा टाइगर रिजर्व के पास आदिवासी युवक पर बाघ का हमला, 15 मिनट तक चली भिड़ंत के बाद बची जान

एक मशहूर कहावत है कि अगर आप घने जंगल से गुजर रहे हों और अचानक सामने शेर या बाघ आ जाए तो आप क्या करेंगे? इस सवाल का आमतौर पर यही जवाब मिलता है कि मैं क्या करूंगा, जो करेगा शेर ही करेगा। लेकिन, टाइगर रिजर्व के आसपास के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग इस कहावत पर यकीन नहीं करते, और उन्होंने इसे एक बार फिर सच साबित कर दिखाया है। कान्हा टाइगर रिजर्व से सटे एक गांव के आदिवासी युवक पर जब एक खतरनाक बाघ ने अचानक हमला कर दिया, तो उसने अपनी घिग्गी बंधने देने के बजाय अदम्य साहस का परिचय दिया और बाघ का डटकर मुकाबला किया, जिसके बाद आखिरकार बाघ को अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा।

⚔️ 15 मिनट तक चला भीषण संघर्ष, लकड़ी के सहारे युवक ने खुद को बचाया

यह सनसनीखेज मामला कान्हा टाइगर रिजर्व से लगे इलाकों का है, जहाँ ग्राम करेली में जंगल की ओर जा रहे 30 वर्षीय आदिवासी युवक संतोष मेश्राम पर अचानक एक बाघ ने पीछे से हमला बोल दिया। भारी-भरकम और आक्रामक बाघ के अचानक हुए इस हमले के बावजूद युवक ने जरा भी हिम्मत नहीं हारी। करीब 15 मिनट तक बाघ और युवक के बीच भीषण संघर्ष चलता रहा। इस दौरान पास ही पड़ी एक लकड़ी के सहारे युवक ने अपनी रक्षा करने की पूरी कोशिश की। हालांकि, बाघ भी आज पूरी तरह आक्रामक मूड में था और उसने अपने तीखे दांतों व नाखूनों से युवक के सिर, हाथ और पैर गंभीर रूप से घायल कर दिए।

🏥 ग्रामीणों के शोर मचाने पर भागा बाघ, वन विभाग ने दी जंगल में अकेले न जाने की सलाह

घायल संतोष ने बताया कि जब वह अपने घर से खेत की तरफ जा रहा था, तभी घात लगाए बैठे बाघ ने उस पर हमला कर दिया। काफी देर तक चले मुकाबले के बाद जब आसपास के कुछ ग्रामीणों ने उसकी चीख-पुकार और आहट सुनी, तो वे लाठी-डंडे लेकर मौके की तरफ दौड़े। ग्रामीणों के आने और शोर मचाने से पहले ही बाघ वहां से जंगल की ओर रफूचक्कर हो गया। किसी तरह अपने घर पहुंचे घायल संतोष को तुरंत नजदीकी बहर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। कान्हा टाइगर रिजर्व के एसडीओ आशीष पांडेय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल प्राथमिक आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराई गई। साथ ही, विभाग ने ग्रामीणों को चेतावनी दी है कि वे जंगल में अकेले न जाएं और हमेशा 3 से 4 लोगों के समूह में ही प्रवेश करें, जिसके लिए गांवों में लगातार मुनादी भी कराई जा रही है।

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