October 30, 2026

News Prawah

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MP Chhindwara Local Crime & Forest News: मुजावर माल गांव में तेंदुए के हमले से सनसनी, मां-बेटे की बहादुरी देख हैरान रह गए लोग

छिंदवाड़ा । आपने आज तक बच्चे की रक्षा के लिए मां के ममता के किस्से और संघर्ष की कहानियां बहुत सुनी होंगी, जहाँ एक मां अपनी जान पर खेलकर अपने लाल को बचा लाती है। लेकिन मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से इसके उलट एक ऐसा वाकया सामने आया है, जहाँ एक साहसी बेटे ने अपनी जान की परवाह न करते हुए खूंखार तेंदुए से अकेले भिड़कर अपनी मां की जान बचा ली।

यह दिल दहला देने वाली घटना जिले के सांवरी वन परिक्षेत्र के मुजावर माल गांव की है, जिसने भी सुना वह बेटे के साहस की तारीफ कर रहा है।

🐐 बकरियां बांधकर लौट रही थी मां, अचानक तेंदुए ने पीछे से कर दिया हमला

मिली जानकारी के अनुसार, घायल महिला गीता बट्टी जंगल से बकरियां चराकर अपने घर लौटी थीं।

  • घटना का वाकया: घर से महज 100 मीटर की दूरी पर बकरियों को रखने के लिए कोठा (बाड़ा) बना हुआ था। महिला बकरियों को वहां बांधकर जैसे ही बाहर निकलने लगी, तभी घात लगाए बैठे एक तेंदुए ने अचानक उन पर जोरदार हमला कर दिया।
  • बेटे की एंट्री: मां की चीख-पुकार सुनकर उनका 32 वर्षीय बेटा सनोज बट्टी बिना एक पल गंवाए अपनी मां को बचाने के लिए दौड़ पड़ा और सीधे तेंदुए से भिड़ गया।
⏱️ 25 से 30 मिनट तक चली खूनी जंग, तेंदुए ने बेटे को भी बनाया निशाना

मां को बचाने के लिए सनोज ने अपनी जान दांव पर लगा दी। तेंदुए और युवक के बीच लगभग 25 से 30 मिनट तक भीषण संघर्ष चलता रहा।

  • चंगुल से छुड़ाई मां: सनोज ने अपनी अदम्य हिम्मत दिखाते हुए मां को तेंदुए के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया, लेकिन इस दौरान गुस्से में आए तेंदुए ने सनोज पर भी हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
  • बकरी लेकर भागा तेंदुआ: अंततः तेंदुए ने युवक को छोड़कर एक बकरी को अपना शिकार बनाया और उसे अपने साथ खींचकर जंगल की तरफ फरार हो गया।
🏥 जिला अस्पताल में भर्ती हैं मां और बेटे, वन विभाग ने लिया सुध

इस भयानक घटना में 50 वर्षीय मां गीता बट्टी और उनका 32 वर्षीय बेटा सनोज दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

  • अस्पताल में भर्ती: परिजनों और छोटे बेटे की मदद से दोनों घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।
  • वन विभाग की कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही सांवरी रेंज के अधिकारी हिमांशु विश्वकर्मा अपनी टीम के साथ अस्पताल पहुँचे और घायलों का कुशलक्षेम जाना।
  • सहायता राशि: वन विभाग द्वारा पीड़ित परिवार को तुरंत नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई है और डॉक्टरों की देखरेख में उनका पूरा इलाज कराया जा रहा है। वन विभाग की टीम ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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