April 19, 2026

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कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीखों की हुई घोषणा, 10 मई को मतदान 13 मई को आएंगे नतीजे, मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस कांफ्रेंस कर दी जानकारी

कर्नाटक विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका हैं। आज मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस कांफ्रेंस कर कर्नाटक चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी हैं। कर्नाटक में 10 मई को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा वही 13 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे।

इस बार के चुनाव को 2024 का सेमीफाइनल भी कहा जा रहा है। चुनाव के लिए 13 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी होगा। चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही कर्नाटक में आज से चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गई है। चुनाव आयोग ने कहा कि राज्य में निष्पक्ष चुनाव करना उनका लक्ष्य है।

राज्य में चुनाव कराने की पूरी प्रक्रिया 24 मई से पहले पूरी कर ली जाएगी। चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्य में इस बार के विधानसभा चुनाव 9.17 लाख नए वोटर हिस्सा लेंगे। वहीं, राज्य में कुल वोटरों की संख्या अब 5.22 करोड़ पहुंच गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी हैं। प्रेस कांफ्रेंस में यह बातें रही मुख्य
13 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। 20 अप्रैल रो नॉमिनेशन फाइल करने की आखिरी तारीख होगी।
21 अप्रैल को नॉमिनेशन की स्क्रूटनी की जाएगी।
24 अप्रैल तक उम्मीदवार अपने नॉमिनेशन को वापस ले सकते हैं।
राज्य में चुनाव के दौरान 240 मॉडल मतदान केंद्र बनेंगे।
80 साल से ज्यादा उम्र के लोग घर से वोट कर सकेंगे।
वोटर को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
1 अप्रैल तक जिनकी उम्र 18 साल हो जाएगी वो भी इस चुनाव में हिस्सा ले सकते हैं।
नए मतदाताओं को जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। 224 विधानसभा सीटों के लिए कुल 2 58228 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बड़े मुद्दे की बात करे तो राज्य में आरक्षण को लेकर विवाद चल रहा है। इसके अलावा महाराष्ट्र के साथ सीमा विवाद को लेकर भी राज्य की सरकारें आमने-सामने आ चुकी हैं। राज्य की जब भी बात होती है तो सांप्रदायिक तनाव का जिक्र भी आता है। इसके अलावा भ्रष्टाचार भी बड़ा मुद्दा है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में तीन समुदाय ऐसे हैं जिन पर सभी राजनीतिक पार्टियों की नजर रहती है। इसमें लिंगायत समुदाय को सबसे अहम माना जाता है।। राज्य की 75-80 सीटों पर इनका प्रभाव है। इसके बाद वोक्कालिगा का जिक्र आता है जिसका 55 से 60 सीटों पर प्रभाव है। वहीं कुरुबा समुदाय का भी राज्य की 25-30 सीटों पर प्रभाव है। 100 से ज्यादा उम्र के 16 हजार से ज्यादा मतदाता हैं। 80 साल से ज्यादा उम्र के वोटर घर से वोट कर सकेंगे। 1 अप्रैल को जिनकी उम्र 18 साल हो रही है, वे भी वोट कर सकेंगे।
224 ऐसे बूथ बनाए गए हैं, जिनमें यूथ कर्मचारी तैनात रहेंगे।
100 बूथों पर दिव्यांग कर्मचारी तैनात रहेंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि 24 मई को कर्नाटक विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इससे पहले चुनावी प्रक्रिया खत्म होगी। चुनाव आयोग का लक्ष्य निष्पक्ष चुनाव कराना है।

कर्नाटक में 24 मई को विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। यहां पिछली बार मई 2018 में विधानसभा चुनाव हुए थे। कर्नाटक में 224 विधानसभा सीटें हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 104 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, कांग्रेस ने 80 और जदयू ने 37 सीटें जीती थीं।

कर्नाटक को भौगोलिक तौर पर छह इलाकों में बांटकर वहां की सियासी तस्वीर पढ़ी जा सकती है। राज्य में हर इलाके का चुनावी मूड अलग होता है और उनके सियासी आग्रह और रुझान भी अलग होते रहे हैं। इन इलाकों में जातियों और समुदायों का वर्चस्व है। कर्नाटक में कुल 224 सीटें है, लेकिन राज्य को मुख्य रुप से 6 भागों में बंटा हुआ है।आंध्र प्रदेश से सीमाएं जुड़ने वाला क्षेत्र हैदराबाद कर्नाटक तो महाराष्ट्र से लगे इस क्षेत्र को मुंबई कर्नाटक कहा जाता है। हैदराबाद कर्नाटक में 40 सीटें आती हैं तो मुंबई कर्नाटक में 44, तटीय क्षेत्र 19 सीटें, ओल्ड मैसूर में 66 सीट, सेंट्रल कर्नाटक में 27 सीट और बैंगलोर क्षेत्र में 28 सीट हैं।

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