October 16, 2026

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Itarsi Electric Loco Shed: रेलवे कर्मचारियों का अनोखा नवाचार, पुराने पुर्जों से बिना खर्च बनाए पोर्टेबल टेस्टिंग यूनिट

नर्मदापुरम। भारतीय रेलवे में तकनीकी सुधार और नवाचारों के लिए हमेशा भारी बजट की आवश्यकता नहीं होती; उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल भी एक बड़ी मिसाल बन सकता है। पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल अंतर्गत इटारसी स्थित विद्युत लोको शेड के कर्मचारियों ने इस सोच को हकीकत में बदला है। लोको शेड की इलेक्ट्रॉनिक्स लैब के कर्मचारियों ने कबाड़ व पुराने उपकरणों के पुर्जों का पुनः उपयोग करते हुए एक ‘पोर्टेबल पावर थाइरिस्टर टेस्टिंग यूनिट’ विकसित की है। सबसे खास बात यह है कि इस उपयोगी उपकरण को बनाने में रेलवे का एक भी अतिरिक्त रुपया खर्च नहीं हुआ है।

⚡ BHEL निर्मित ऑक्जिलरी कन्वर्टर की जांच होगी आसान, समय और धन दोनों की होगी बचत

पश्चिम मध्य रेल, भोपाल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) नवल अग्रवाल द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पोर्टेबल यूनिट की मदद से बीएचईएल (BHEL) निर्मित ऑक्जिलरी कन्वर्टर में लगे चार थाइरिस्टरों की अलग-अलग और सटीक जांच की जा सकती है। इससे विद्युत लोको इंजन में आई खराबी और खराब पुर्जों की पहचान बेहद तेजी से हो सकेगी। पहले जहां पूरी असेंबली को खोलने और जांचने में काफी वक्त लगता था, वहीं अब इस पोर्टेबल यूनिट से अनावश्यक जांच में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और मरम्मत का काम जल्द पूरा हो सकेगा।

🛡️ तुगलकाबाद लोको शेड में डैम्पर जांच के लिए बना साउंड-प्रूफ केबिन, सुरक्षित रेल परिचालन पर जोर

रेलवे में नवाचार की इसी कड़ी में तुगलकाबाद स्थित विद्युत लोको शेड में डैम्पर की गुणवत्ता जांचने के लिए पारदर्शी कांच की दीवारों वाला आधुनिक, धूल-मुक्त (Dust-free) और ध्वनि-रोधी (Sound-proof) केबिन तैयार किया गया है। गौरतलब है कि डैम्पर रेल इंजन में यात्रा के दौरान लगने वाले झटकों को नियंत्रित कर स्थिरता बनाए रखने का काम करते हैं। एक नियंत्रित और शांत वातावरण में जांच होने से संवेदनशील उपकरणों को धातु के कणों व धूल से बचाया जा सकेगा। रेलवे के इन तकनीकी प्रयासों का मुख्य उद्देश्य लोको रखरखाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और सुरक्षित बनाना है।

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