August 16, 2026

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ईरान: पिता के जनाजे में शामिल नहीं हुए मुज्तबा खामेनेई, जानें क्या है वजह

ईरान में पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे में मुज्तबा खामेनेई शामिल नहीं हुए. नमाज-ए-नजाना में खामेनेई के तीन बेटे ही शामिल हुए. वहीं 28 फरवरी के बाद खामेनेई के बेटे पहली बार नजर आए. तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला में खामेनेई की नमाज-ए-जनाजा निकाला गया. नमाज-ए-जनाजा में मुज्तबा के अलावा ईरान की पूरी लीडरशिप शामिल हुई. दरअसल, ईरान के सुरक्षा अधिकारियों ने सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की गुजारिश को ठुकरा दिया.

भले ही उन्होंने अपने मारे गए पिता और पूर्व नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इच्छा जताई थी. अधिकारियों को डर है कि इज़राइल उनके बेटे की हत्या कर सकता है या उनके छिपने की जगह का पता लगा सकता है.

पत्नी की शोक सभा में भी नहीं हुए थे शामिल

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के दो अज्ञात सदस्यों और अंतिम संस्कार की तैयारी में लगे एक व्यक्ति ने बताया कि मुजतबा खामेनेई अपने पिता का 9 जुलाई को मशहद में होने वाला अंतिम संस्कार देखना और रस्में पूरी करना चाहते हैं. लेकिन अभी तक उन्हें इजाजत नहीं मिली है. घायल होने के बाद मुजतबा खामेनेई को लोगों के सामने कहीं नहीं देखा गया. 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमलों में उनके पिता, पत्नी और बेटे की मौत हो गई थी. बुधवार को तेहरान में अपनी पत्नी की शोक सभा में भी वे शामिल नहीं हुए.

ईरान के चार वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि खामेनेई के लंबे समय से सार्वजनिक रूप से दिखाई न देने के कारण उनके शासन के बने रहने को लेकर चिंता पैदा हो गई है. भले ही खामेनेई के नाम से जारी एक लिखित बयान में अमेरिका के साथ बातचीत को मंजूरी दी गई है, लेकिन ईरान के कट्टरपंथी नेताओं ने कसम खाई है कि जब तक वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आते या अपनी आवाज की कोई रिकॉर्डिंग जारी नहीं करते, तब तक वे कूटनीति का विरोध करेंगे.

इस बीच, कट्टरपंथियों ने ईरान के कंजर्वेटिव खेमे के उस गुट से आने वाले ईरानी वार्ताकारों पर मुक़दमा चलाने और यहां तक कि उन्हें मौत की सज़ा देने की माँग की है, जो खुद को व्यावहारिक (प्रैग्मैटिस्ट) मानता है.

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