इंदौर के पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर है। पातालपानी-कालाकुंड के बीच चलने वाली प्रसिद्ध हेरिटेज ट्रेन के 12 कोच, जिन्हें मरम्मत के लिए राजस्थान के बीकानेर भेजा गया था, रविवार को सफलतापूर्वक लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पहुंच गए हैं। अब इन कोचों को पातालपानी ले जाया जाएगा, जहाँ क्रेन की मदद से इन्हें ट्रैक पर उतारा जाएगा। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के डीआरएम अश्विनी कुमार के अनुसार, इंजन और कोच का अलाइनमेंट करने के बाद सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। सब कुछ सामान्य रहने पर उम्मीद है कि अगले एक सप्ताह के भीतर यह ट्रेन यात्रियों को पहाड़ियों और घाटियों की सैर कराने के लिए फिर से रवाना हो जाएगी।
🛤️ 155 साल पुराना ऐतिहासिक ट्रैक: इंजीनियरिंग और खूबसूरती का अद्भुत संगम
पातालपानी से कालाकुंड का यह लगभग 9.5 से 10 किलोमीटर लंबा मीटरगेज ट्रैक 155 साल से अधिक पुराना है। इसकी परिकल्पना 19वीं सदी में इंदौर रियासत के महाराजा तुकोजी राव होलकर द्वितीय ने की थी, जिसका निर्माण कार्य 1878 में पूरा हुआ था। कठिन भौगोलिक बनावट के कारण इस ऐतिहासिक लाइन को ब्रॉडगेज में बदलना संभव नहीं था, इसलिए 2018 में रेलवे ने इसे संरक्षित कर हेरिटेज ट्रेन के रूप में विकसित किया। इस रोमांचक यात्रा में पर्यटकों को चार सुरंगों, 24 मोड़ों, छह बड़े और 35 छोटे पुलों से गुजरने का अनूठा अनुभव मिलता है।
🌦️ प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यात्रा: किराया और संचालन की जानकारी
यह ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान घने जंगलों, गहरी घाटियों और झरनों के बीच से गुजरती है। वर्षा ऋतु में पातालपानी के झरने और चारों ओर फैली हरियाली यात्रियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होते हैं। पिछले वर्ष इस ट्रेन में वातानुकूलित चेयरकार (किराया 265 रुपये) और सामान्य चेयरकार (किराया 20 रुपये) की सुविधा उपलब्ध थी। यद्यपि कोच की मरम्मत के कारण इस बार संचालन में देरी हुई है, लेकिन पिछले वर्ष की तरह ही इस बार भी शुक्रवार से रविवार तक पर्यटकों के लिए इसका संचालन किया जाना अपेक्षित है।

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