ग्वालियर में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान का कथित मामला तूल पकड़ गया है। रविवार को शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता एक बार फिर आमने-सामने आ गए। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने महल गेट से कांग्रेस कार्यालय तक एक विशाल मार्च निकाला और वहां राष्ट्रगीत सुनाया। टकराव की स्थिति को भांपते हुए पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं को शिंदे की छावनी तिराहे पर ही बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया, जबकि दूसरी तरफ शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र यादव और प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सुनील शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ता डटे रहे।
🗣️ जमकर हुई नारेबाजी और पुलिस बल की तैनाती, छह माह में तीसरी बार बढ़ा तनाव
प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों की ओर से जमकर नारेबाजी की गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जो लोग राष्ट्रगीत का सम्मान करने का दावा कर रहे हैं, उन्हें स्वयं राष्ट्रगीत नहीं आता, इसलिए वे इसे रिकॉर्ड करके लाए थे। इस दौरान कांग्रेसियों ने राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ गाकर अपना विरोध जताया। प्रशासन ने किसी भी बड़े टकराव को टालने के लिए वाटर कैनन के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया था। गौरतलब है कि पिछले छह महीनों में यह तीसरी बार है जब शहर में दोनों दलों के कार्यकर्ता इस तरह आमने-सामने आए हैं।
📢 BJYM का विशाल मार्च और प्रदर्शन, बड़े नेताओं की रही मौजूदगी
भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष शिवम रानू राजावत के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन का उद्देश्य दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान तक ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान की आवाज पहुंचाना था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रगौरव का अपमान किया गया है। इस कैंडल मार्च और प्रदर्शन में ग्वालियर के सांसद भारत सिंह कुशवाह, मेला प्राधिकरण अध्यक्ष अशोक जादौन, जीडीए अध्यक्ष मधुसूदन सिंह भदौरिया सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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