August 20, 2026

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Indore Drought Concerns: मौसम विभाग की चेतावनी और गर्भगृह से छेड़छाड़ के दावों के बीच इंदौर में बारिश का इंतजार

अन्न और जल के मामले में मध्य प्रदेश का सबसे समृद्ध कहे जाने वाला इंदौर जिला इस साल मानसून की बेरुखी के चलते गंभीर चिंता के दौर से गुजर रहा है। इंदौर और आसपास के सीमावर्ती जिलों में जून और जुलाई का महीना बीतने के बाद अगस्त का एक पखवाड़ा भी बिना किसी उल्लेखनीय बारिश के निकल चुका है। यदि यही हालात बने रहे, तो आने वाले समय में शहर में पानी को लेकर विकट स्थिति पैदा हो सकती है। कोई इसे पर्यावरणीय असंतुलन मान रहा है, तो कोई इसे खजराना मंदिर के गर्भगृह में हाल ही में हुए निर्माण कार्यों का वास्तु दोष बता रहा है। इन तमाम चर्चाओं के बीच अब शहर के आराध्य देव खजराना गणेश से मानसूनी बारिश के लिए विशेष प्रार्थना करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

🙏 ताई की पूजा रही बेअसर, मौसम विभाग ने जताई हल्की बारिश की संभावना

ऐसी मान्यता है कि जब भी इंदौर में बारिश नहीं होती, तब शहरवासी इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए पंडरीनाथ स्थित प्राचीन मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। इसी परंपरा का पालन करते हुए बीते शनिवार को पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ नेत्री सुमित्रा महाजन (ताई) ने भी मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा की थी, लेकिन इसके बावजूद बारिश में कोई खास बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल 18 अगस्त तक मात्र 16 से 17 इंच ही बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 6 इंच कम है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि तमाम धार्मिक अनुष्ठानों के बीच आगामी दिनों में केवल हल्की फुहारें या छिटपुट बारिश ही देखने को मिल सकती है।

🏛️ गर्भगृह से छेड़छाड़ के दावों पर मंदिर के मुख्य पुजारी का स्पष्टीकरण

इस असामान्य स्थिति को लेकर शहर में कई तरह की दलीलें दी जा रही हैं। नवग्रह मंदिर के पुजारी का दावा है कि खजराना मंदिर के गर्भगृह और मुख्य द्वार में किए गए बदलावों के कारण परिसर का वास्तु बिगड़ा है, जो इस अल्प वर्षा का कारण बन सकता है। हालांकि, इन दावों का खंडन करते हुए खजराना मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट ने स्पष्ट किया है कि मंदिर में जो भी विकास कार्य हुए हैं, वे पूरी तरह से धार्मिक और वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भक्तों को 30 मीटर दूर से भगवान के सुगम दर्शन मिल सकें, इसलिए व्यवस्थाएं की गई हैं और इसे बारिश न होने से जोड़ना पूरी तरह निराधार है।

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