नईदिल्ली: अमेरिका में H1-B वीजा को लेकर ट्रंप प्रशासन की घोषणा के बाद अमेरिका में रहने वाले भारतीयों की चिंता भी बढ़ गई है। अमेरिका से बाहर गए सभी H1-B वीजा धारकों को 24 घंटे में अमेरिका लौटना पड़ रहा है।ऐसे में भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए अमेरिका में स्थित भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
भारतीय दूतावास का इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर +12025509931 है। भारतीय नागरिक इस नंबर पर कॉल या व्हाट्सएप मैसेज भी करके सहायता मांग सकते हैं। हालांकि, इस नंबर का इस्तेमाल सिर्फ आपात स्थिति के लिए ही किया जा सकता हैं।
बीते दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H1-B वीजा की फीस बढ़ाकर 1,00,000 डॉलर (लगभग 90 लाख रुपये) कर दी है। वहीं, अमेरिका में सबसे ज्यादा H1-B वीजा धारक भारतीय हैं। अमेरिका में कुल H1-B वीजा धारकों में भारतीयों की संख्या 71 प्रतिशत है। इसी संदर्भ में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, आपात सहायता के इच्छुक भारतीय फोन नंबर +12025509931 पर कॉल या व्हाट्सएप कर सकते हैं। इस नंबर का इस्तेमाल आपात स्थिति के लिए ही किया जा सकता है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लैविट ने ट्रंप प्रशासन के नए फैसले पर सफाई देते हुए कहा कि यह फीस H1-B वीजा के लिए अप्लाई करने वाले नए आवेदनों पर लगेगी। पहले से H1-B वीजा का लाभ उठा रहे लोगों को यह फीस भरने की आवश्यकता नहीं है।
भारतीय सरकार ने अपने सभी दूतावासों और मिशनों को निर्देश दिया है कि वे अगले 24 घंटों में अमेरिका लौटने वाले भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान करें। विदेश मंत्रालय ने भी इस घटनाक्रम पर ध्यान दिया और कहा कि वह एच-1बी वीजा कार्यक्रम में किए गए व्यापक बदलावों, खासकर नई वार्षिक फीस के बारे में सावधानीपूर्वक समीक्षा कर रहा है। मंत्रालय ने चिंता व्यक्त की कि इस कदम के वित्तीय नुकसान के अलावा, परिवारों के सामने मानवीय संकट भी पैदा हो सकता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “सरकार ने अमेरिका के एच-1बी वीजा कार्यक्रम पर प्रस्तावित प्रतिबंधों से संबंधित रिपोर्टें देखी हैं। इस कदम के सभी संभावित प्रभावों का अध्ययन सभी संबंधित पक्षों द्वारा किया जा रहा है, जिसमें भारतीय उद्योग भी शामिल है। भारतीय उद्योग ने पहले ही एच-1बी कार्यक्रम से संबंधित कुछ धारणाओं को स्पष्ट करते हुए एक प्रारंभिक विश्लेषण जारी कर दिया है। ” उन्होंने आगे चेतावनी दी कि ट्रंप का यह कदम व्यापारिक क्षेत्र से बाहर भी असर डाल सकता है। उन्होंने आगे कहा कि सभी संबंधित पक्ष, जिसमें भारतीय उद्योग भी शामिल है, इसके सभी पहलुओं का अध्ययन कर रहे हैं और इस कदम से परिवारों में होने वाली परेशानियों के कारण मानवीय संकट भी पैदा हो सकता है।

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