August 23, 2026

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India vs Sri Lanka 2nd Test: गॉल के बाद कोलंबो में पडिक्कल का तूफान, नंबर-3 पर ठोकी दावेदारी

टीम में अपनी जगह पक्की करना सीखना है तो देवदत्त पडिक्कल से सीखा जा सकता है. टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज ने श्रीलंका दौरे पर टेस्ट सीरीज में चोट के कारण मिले मौके का भरपूर फायदा उठाया और लगातार दूसरा शतक ठोक दिया. गॉल टेस्ट मैच में अपना पहला शतक जमाने के बाद पडिक्कल ने कोलंबो में दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन भी शतक जमा दिया. इसके साथ ही टेस्ट टीम में नंबर-3 की पोजिशन पर उन्होंने अपनी जगह लंबे वक्त के लिए पक्की कर ली है. इस तरह करीब 8 साल बाद किसी भारतीय बल्लेबाज ने नंबर-3 पर आकर विदेश में लगातार 2 शतक लगाए हैं.

कोलंबो में 23 अगस्त से भारत-श्रीलंका के बीच शुरू हुए दूसरे टेस्ट मैच के पहले ही दिन देवदत्त पडिक्कल ने अपने बल्ले का कमाल दिखाया. 15 अगस्त को गॉल में पहले टेस्ट मैच के पहले दिन भी देवदत्त पडिक्कल ने शतक लगाया था, जो उनके टेस्ट करियर का पहला ही शतक था. यही कमाल उन्होंने कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) मैदान पर भी दोहराया, जहां एक बार फिर श्रीलंकाई गेंदबाजों के पास पडिक्कल की बल्लेबाजी का कोई जवाब नहीं था. हालांकि, 0 और 1 के स्कोर पर पडिक्कल को जीवनदान मिले लेकिन फिर वो नहीं रुके.

11वें ओवर में ही पहला विकेट गिरने के बाद क्रीज पर उतरे पडिक्कल ने एक बार फिर अपने सधे हुए फुटवर्क और हाथों की पहुंच का बेहतरीन नजारा पेश किया. श्रीलंकाई तेज गेंदबाजों के शॉर्ट पिच गेंदों के हमले को आराम से पस्त करने का साथ ही स्पिनर्स को भी हावी होने का मौका नहीं दिया. दूसरे सेशन में ही पडिक्कल ने अपना अर्धशतक पूरा किया और कप्तान शुभमन गिल के साथ शतकीय साझेदारी की. फिर तीसरे सेशन में जब रवींद्र जडेजा का साथ मिला तो पडिक्कल ने एक बेहतरीन शतक पूरा किया. उन्होंने 168 गेंदों में अपनी लगातार दूसरा टेस्ट शतक जमाया, जिसमें 10 चौके शामिल थे. पडिक्कल आखिर में 117 रन बनाकर आउट हुए.

इसके साथ ही पडिक्कल ने वो कमाल कर दिया, जो तीसरे नंबर पर पिछले करीब 8 साल से अन्य कोई बल्लेबाज नहीं कर सका था. चेतेश्वर पुजारा के बाद पिछले 8 साल में पडिक्कल पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए, जिसने नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए विदेश में लगातार 2 टेस्ट मैच में शतक जमाए. पुजारा ने 2018-19 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ये कमाल किया था. उसके बाद से खुद पुजारा इस सफलता को नहीं दोहरा सके थे. पडिक्कल ने अब इन 2 शतकों से पुजारा के उत्तराधिकारी के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली है.

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