इलाहाबाद: मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद पक्ष की ओर से दाखिल रिकॉल अर्जी को खारिज कर दिया है। जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच ने फैसला सुनाया है। 6 नवंबर को दोपहर 2:00 बजे मामले की अगली सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने आदेश वापसी यानि रिकॉल अर्जी पर बहस पूरी होने के बाद 16 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
इस आदेश के बाद हाईकोर्ट में हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल डेढ दर्जन मुकदमों पर एकसाथ सुनवाई का रास्ता साफ़ हो गया है। कोर्ट ने इस आदेश से इसी साल 11 जनवरी के अपने फैसले को सही ठहराया है। शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी ने हिन्दू पक्ष की ओर से दाखिल 18 मुकदमों पर एकसाथ सुनवाई किए जाने के आदेश को री-काल करने की मांग में अर्जी दाखिल की थी। शाही ईदगाह पक्ष की तरफ से कहा गया था कि हिंदू पक्ष के मुकदमों में असमानताएं हैं और अलग-अलग मांग की गई है इसलिए इन मुकदमों को एक साथ नहीं सुना जाना चाहिए। यह भी कहा गया था कि पोषणीयता तय होने से पहले मुकदमों को आपस में क्लब नहीं किया जा सकता। इस अर्जी पर सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने गत 16 अक्टूबर को अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया था।
विदित हो कि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर और शाही ईदगाह मस्जिद के 13.37 एकड़ जमीन को लेकर विवाद है। करीब 11 एकड़ पर मंदिर है और 2.37 एकड़ जमीन पर मस्जिद है। इस मस्जिद का निर्माण औरंगजेब ने 1669-70 में कराया था। हिंदू पक्ष का दावा है कि औरंगजेब ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर बने प्राचीन केशवनाथ मंदिर को तोड़कर शाही ईदगाह मस्जिद का निर्माण कराया था, जबकि मुस्लिम पक्ष का दावा है कि इसके कोई सबूत मौजूद नहीं हैं कि शाही ईदगाह मस्जिद का निर्माण एक मंदिर को तोड़कर कराया गया था।

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