ग्वालियर। ग्वालियर और आसपास के अंचल में रातें धीरे-धीरे ठंडी होने लगी हैं। अंचल में तापमान के मिजाज का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार की तुलना में रविवार को रात के न्यूनतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, दिन का अधिकतम तापमान शनिवार की भांति ही 33.5 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर बना रहा।
दिन और रात के समय अंचल के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राजस्थान से मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके बाद तापमान में यह बदलाव देखा जा रहा है।
🌧️ अंडमान सागर के ऊपर बना निम्नदाब का क्षेत्र: 24 सितंबर से फिर शुरू होगा बारिश का दौर
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, वर्तमान समय में अंडमान सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) निर्मित हो गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसके डीप डिप्रेशन (Deep Depression) में बदलने की प्रबल संभावना है। यह निम्नदाब का सिस्टम आगामी दिनों में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा और ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ से गुजरते हुए मध्य प्रदेश के अंचल की ओर प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव से आगामी 24 सितंबर से अंचल में एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदलेगा और हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की जा सकती है।
🌤️ अगले 3 दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम का हाल: हल्की बौछारों के बीच तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि वर्तमान में अंडमान सागर के ऊपर बने निम्नदाब क्षेत्र के साथ-साथ प्रदेश में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) भी सक्रिय है।
हालांकि, इन दोनों मौसम प्रणालियों का असर फिलहाल अंचल पर आंशिक ही है। यही वजह है कि आगामी तीन दिनों तक केवल कुछ स्थानों पर ही हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है। इस अवधि के दौरान तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और वर्तमान जैसा ही मौसम बना रहेगा।

More Stories
High Court Landmark Judgment: वैज्ञानिक साक्ष्य के अभाव में बरी हुआ दुष्कर्म का आरोपी, सिवनी जिला अदालत ने सुनाई थी सजा
MP Teachers News Today: क्या टीईटी पास न करने पर जाएगी नौकरी? जानें सुप्रीम कोर्ट के आदेश और एमपी के शिक्षकों के विरोध का पूरा सच
Pitru Paksha Date & Vidhi: पितृ ऋण से मुक्ति के लिए गया जी और बद्रीनाथ में कैसे करें पिंडदान? पंडित जी से जानें नियम