ग्वालियर। ग्वालियर स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में हुए हादसे की चल रही मजिस्ट्रियल जांच के दौरान एक अहम स्थिति सामने आई है। एडीएम कार्यालय द्वारा हादसे से संबंधित साक्ष्य और प्रत्यक्ष जानकारी जुटाने के लिए आम लोगों के लिए तीन दिनों की विशेष सुनवाई रखी गई थी, लेकिन बुधवार को तीसरे व अंतिम दिन तक भी कार्यालय में एक भी व्यक्ति अपना बयान या साक्ष्य देने नहीं पहुंचा।
📜 गुरुवार से शुरू होगा अधिकारियों के बयान दर्ज करने का सिलसिला
आम जनता और प्रत्यक्षदर्शियों की ओर से साक्ष्य न मिलने के बाद अब जांच का रुख प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में मोड़ दिया गया है। गुरुवार से इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के बयान दर्ज करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- 40 अफसरों को नोटिस: मजिस्ट्रियल जांच को गति देने के लिए एडीएम न्यायालय द्वारा पुलिस और जिला प्रशासन के करीब 40 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से तलब किया गया है।
- जांच का उद्देश्य: इन अधिकारियों से हादसे से जुड़ी तकनीकी जानकारी, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों के आंकड़े जुटाते हुए विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे।

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