रतलाम। जिले में आदिवासी संगठन के नेता और जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशू निनामा व उनके साथियों को पुलिस थाना घेरना काफी महंगा पड़ गया है। रावटी थाना घेराव के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर बदतमीजी करने और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में रावटी थाना पुलिस ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष सहित दो सरपंचों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर आदिवासी समाज के खिलाफ की गई एक टिप्पणी को लेकर केशु निनामा अपने समर्थकों के साथ रावटी थाने पहुंचे थे, जहां थाना प्रभारी की अनुपस्थिति और सुनवाई न होने पर मामला गरमा गया और कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर धरना देकर सड़क जाम कर दी थी।
🔍 सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ था विवाद: टीआई मनीष डावर ने दी जानकारी, केशु निनामा बोले- सुनवाई न होने पर किया था लोकतांत्रिक प्रदर्शन
रावटी थाना प्रभारी मनीष डावर ने बताया कि केशु निनामा जिस मामले की शिकायत लेकर आए थे, वह रावटी थाना क्षेत्र से संबंधित भी नहीं थी। बावजूद इसके उन्होंने पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनाया और थाने के बाहर सड़क जाम कर दी। पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाकर यह कार्रवाई की गई है। दूसरी ओर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा ने अपनी सफाई में कहा कि पुलिस द्वारा उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं की जा रही थी, इसलिए गुस्सा आना स्वाभाविक था। उन्होंने किसी भी प्रकार की अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने से इनकार करते हुए इसे लोकतांत्रिक तरीके से किया गया प्रदर्शन बताया है।

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