नीमच। मध्य प्रदेश में वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में कूनो नेशनल पार्क के बाद अब नीमच स्थित गांधी सागर अभयारण्य चीतों का दूसरा प्राकृतिक घर बन चुका है। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक और बोत्सवाना मूल की मादा चीता (CCB2) को गांधी सागर अभयारण्य के बाड़े में आधिकारिक रूप से रिलीज किया। अब यह मादा चीता कूनो के बजाय गांधी सागर के खुले जंगलों में अपनी चहलकदमी दिखाएगी। चीतों के अलावा इस अभयारण्य में तेंदुआ, लकड़बग्घा, सियार, भालू, भेड़िया और चिंकारा सहित कई तरह के दुर्लभ वन्यजीव और रंग-बिरंगे पक्षी देखने को मिलते हैं।
🌸 ‘राधा अष्टमी’ के पावन पर्व पर आई मादा चीता CCB2: नाम रखा गया ‘राधा’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने नीमच प्रवास के दौरान गांधी सागर अभयारण्य पहुंचे, जहां उन्होंने कूनो से लाई गई बोत्सवाना मूल की मादा चीता CCB2 को खुले जंगल में छोड़ा।
सीएम ने इस मादा चीता का नाम ‘राधा’ रखा। इसके पीछे का मुख्य कारण यह रहा कि 20 सितंबर को जिस दिन चीता को अभयारण्य में रिलीज किया गया, उस दिन ‘राधा अष्टमी’ का शुभ अवसर था। इस नई मादा चीता के आगमन के साथ ही अब गांधी सागर अभयारण्य में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 4 हो गई है, जिनमें दो नर और दो मादा चीता शामिल हैं।
🌳 368 वर्ग किमी में फैला है गांधी सागर अभयारण्य: 573 से अधिक वन्यजीवों की मौजूदगी
उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के नीमच और मंदसौर जिले की सीमा पर स्थित गांधी सागर अभयारण्य लगभग 368 वर्ग किलोमीटर के विशाल भू-भाग में फैला हुआ है।
यह अभयारण्य जैव विविधता से समृद्ध है। यहां नए चीतों के अलावा वर्तमान में लगभग 20 से 24 तेंदुए निवास करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक अभयारण्य में कुल 573 से अधिक विभिन्न वन्यजीव मौजूद हैं। नीमच आने वाले पर्यटकों को यहां जंगल सफारी के दौरान भरपूर वन्यजीवों के दीदार करने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने का शानदार अवसर मिलेगा।
💼 पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों की बहार: सीएम ने बताया मध्य प्रदेश का गौरवशाली स्वरूप
मादा चीता को बाड़े में रिलीज करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ नीमच क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण की अभूतपूर्व संभावनाएं आकार ले रही हैं।
उन्होंने बताया कि वे उज्जैन में निर्माणाधीन आईटी पार्क और शैक्षणिक सौगातों का निरीक्षण करने के बाद नीमच आए हैं। गांधी सागर में चीता परियोजना के विस्तार से स्थानीय स्तर पर पर्यटन बढ़ेगा, जिससे होटल, गाइड और परिवहन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के ढेरों नए अवसर पैदा होंगे।
अंत में सीएम ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “मध्य प्रदेश आज केवल ‘चीता स्टेट’ ही नहीं, बल्कि ‘टाइगर स्टेट’, ‘गिद्ध स्टेट’ और ‘घड़ियाल स्टेट’ का दर्जा भी रखता है। हाल ही में असम से दुर्लभ जंगली भैंसे भी मध्य प्रदेश लाए गए हैं और राज्य में हाथियों की संख्या भी बढ़कर लगभग 100 तक पहुंच चुकी है।”

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