April 22, 2026

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4 जुलाई से 11 सितंबर तक महाकाल मंदिर गर्भगृह में भक्तो का प्रवेश रहेगा निषेध, आखिर मन्दिर समिति ने क्यों लिया यह निर्णय

हीना तिवारी, उज्जैन: सावन के दो महीने उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में गर्भगृह में भक्तो की एंट्री पूर्णतः बदं रहेगी। महाकाल मंदिर समिति की हुई महत्वपूर्ण बैठक में ये फैसला लिया गया है। महाकालेश्वर के गर्भ गृह में 2 महीने तक श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान कावड़िए और वीआईपी भी गर्भ ग्रह में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। आम दर्शनार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिए गए हैं।

दरअसल, विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में लगातार भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं महाकाल लोक बनने के बाद प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं के गर्भ गृह में प्रवेश को बंद रखने का फैसला लिया गया है।

महाकाल मंदिर समिति के अध्यक्ष कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम ने बताया कि रविवार को आगामी सावन माह में बाबा महाकाल मंदिर में दर्शन सहित सवारियों व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर मन्दिर समिति की बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक में फैसला लिया गया है कि सावन में आम दर्शनार्थियों को सुविधा जनक दर्शन बाबा महाकाल के हो, इसलिए 4 जुलाई से 7 सितंबर 2 माह तक गर्भगृह में प्रवेश पूर्णतः बन्द रहेगा। कार्तिक मंडपम और गणेश मंडपम सहित अन्य बैरिकेडिंग से दर्शन कराए जाएंगे, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले दर्शनार्थी जल्द से जल्द भगवान महाकालेश्वर के दर्शन कर सकें। वहीं दूसरी और कावड़ियां और वीआईपी भी गृभ ग्रह में इस दौरान नहीं जा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि कोई अतिरिक्त दर्शन के लिए शुल्क नहीं रखा गया है। पहले की तरह वही जल्दी दर्शन व्यवस्था के लिए निर्धारित शुल्क ही रहेगा। दर्शनार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शौचालय, पानी पीने, जूता स्टैंड, लॉकर व्यस्वस्था बढ़ाई जाएगी ताकि श्रद्धालुओ को असुविधा का सामना नही करना पड़े।

वही बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया है कि उज्जैन शहर में रहने वाले नागरिकों को आधार कार्ड दिखाने पर 11 जुलाई से निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। घर बैठे ही शहर के लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। उज्जैन शहरवासियों अलग द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। अधिक मास में कावड़ यात्रा के लिए मंगलवार से शुक्रवार तक जलाभिषेक के लिए प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल महाकाल लोक दर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं लगाया गया है। महाकाल का लड्डू प्रसाद ₹40 महंगा हुआ है। सामान्य श्रद्धालुओं के दर्शन व्यवस्था पिछले वर्ष अनुसार ही रहेगीम

मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में पिछले वर्ष की गई व्यवस्थाओं पर भी मंथन किया जा रहा है। अभी कोई नई व्यवस्था तय नहीं हुई है। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी एक बार फिर बैठकर दर्शन की अलग अलग व्यवस्थाओं का मंथन करेंगे।

श्रावण माह में आम भक्तो को परेशानियों का सामना न करना पड़े इसलिए व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा साथ ही शिघ्र दर्शन हो इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था भी इस दौरान चाक चौबंद रहेगी।

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