April 18, 2026

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मंत्री के निजी सचिव के नोकर के घर ईडी का छापा, भारी मात्रा में नकदी जब्त, नोट गिनने बुलवानी पड़ी मशीन

झारखंड: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज झारखंड के रांची में कई ठिकानों पर छापेमारी कर बड़े पैमाने पर कैश बरामद किया है। ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के नौकर के घर ईडी ने भारी नकदी जब्त की है। सूत्रों के मुताबिक, नकदी 20 से 30 करोड़ रुपये के बीच होने का अनुमान है। फिलहाल नोट गिनने वाली मशीनें मंगाई जा रही हैं।

लोकसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई जारी है। ईडी ने आज सोमवार 6 मई को झारखंड के रांची में बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर करीब 6 स्थानों पर रेड की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ED की ये कार्रवाई निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम और उनके करीबियों के ठिकानों पर की जा रही है।

छापेमारी के दौरान ईडी को झारखंड के एक मंत्री के सचिव के घरेलू नौकर के घर से भी कैश मिला है। सेल सिटी समेत कई जगहों पर ईडी की टीम पहुंची है। बता दें कि चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम टेंडर कमीशन घोटाले में निलंबित हैं।

प्राप्त जानकारी अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय रांची में कई ठिकानों पर छापेमारी कर रहा है। वीरेंद्र राम मामले में झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल के नौकर के यहां से भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई है। ईडी ने कुछ योजनाओं के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फरवरी 2023 में झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र के. राम को गिरफ्तार किया था

प्रवर्तन निदेशालय ने टेंडर में कमीशन घोटाले को लेकर 22 फरवरी 2023 को वीरेंद्र राम को गिरफ्तार किया था। इससे एक दिन पहले 21 फरवरी को ईडी ने वीरेंद्र के 24 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान ईडी को लगभग डेढ़ करोड़ के जेवरात समेत देश के कई शहरों में करोड़ों के निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले थे। वहीं चार्जशीट में वीरेंद्र के अलावा टेंडर मैनेज कर अवैध कमाई करने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी दी गयी है, साथ ही यह भी बताया गया है कि किस-किस को कितना हिस्सा मिलता था और किसकी क्या भूमिका थी।

दरअसल, वीरेंद्र राम ने खुद ईडी के सामने यह बात कबूल की थी कि उसने आईटीआर में सारी जानकारी गलत दी थी। उसके खाते में साल 2014-15 व 2018-19 के दौरान 9.30 करोड़ व दिसंबर 22 से जनवरी 2023 के बीच 4.50 करोड़ रुपये उसके जीवन भर की कमाई से कहीं अधिक है। ईडी ने जांच में पाया है कि साल 2019 के बाद वीरेंद्र राम व उसके चचेरे भाई आलोक रंजन एक साथ कई बार दिल्ली गए साथ ही हर बार मोटी रकम वे साथ ले जाते थे और ये रकम सीए मुकेश मित्तल को हैंडओवर किया जाता था।

फिलहाल ईडी द्वारा जो भारी मात्रा में केश बरामद किया गया है उसकी जांच की जा रही हैं साथ ही नोट गिनने के लिए नोट गिनने की मशीनें बुलवाई जा रही हैं ताकि गणना आसान हो। भारी मात्रा में नोटों के बंडल देखकर ईडी अधिकारी हैरान हैं। अधिकारियों के अनुसार करीब 20 से 30 करोड़ से ज्यादा की नगदी हो सकती हैं।

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