धार । इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के अंतर्गत टीही से धार तक बिछाई गई नई रेल लाइन पर अब ट्रेनों के संचालन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस नवनिर्मित रेलखंड पर ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही, पटरियों की मजबूती और विभिन्न तकनीकी व्यवस्थाओं को परखने के लिए अब व्यापक स्तर पर स्पीड ट्रायल और निरीक्षण का दौर शुरू हो गया है।
पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल द्वारा 30 अक्टूबर से 6 नवंबर तक टीही-धार रेलखंड का सघन निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच के लिए ट्रेन को अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे (130 Kmph) की रफ्तार से दौड़ाकर परीक्षण किया जाएगा।
⏱️ सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक होगा ट्रायल; सिविल और विद्युतीकरण के कार्य हुए पूरे
रेलवे अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार:
- कार्य पूर्णता: टीही-धार रेलखंड पर सिविल निर्माण कार्य, ओवरहैड विद्युतीकरण (Electrification) और आधुनिक सिग्नलिंग से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कार्य सफलताપૂર્વक पूरे कर लिए गए हैं, जिसके बाद अब तकनीकी परीक्षण का चरण शुरू हुआ है।
- ट्रायल का समय: निर्धारित शेड्यूल के अनुसार 30 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात्रि 9 बजे के बीच इस ट्रैक पर 130 किमी प्रति घंटे की हाई-स्पीड से ट्रेन चलाई जा रही है।
⚠️ रेलवे की सख्त चेतावनी: ट्रैक के आसपास न जाएं आमजन और पशु
हाई-स्पीड ट्रेन ट्रायल और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए रेलवे प्रशासन ने क्षेत्रवासियों के लिए एडवाइजरी जारी की है:
- विशेष सावधानी: पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने आम जनता से अपील की है कि ट्रायल के निर्धारित समय के दौरान कोई भी व्यक्ति रेलवे ट्रैक के आसपास न जाए।
- पशुओं की सुरक्षा: पालतू पशुओं को भी पटरियों से दूर रखने की सख्त सलाह दी गई है, ताकि किसी भी संभावित अप्रिय दुर्घटना या खतरे से पूरी तरह बचा जा सके। रेलवे के इन सुरक्षा निर्देशों का पालन कर स्थानीय नागरिक इस ऐतिहासिक परीक्षण में सहयोग प्रदान करें।

More Stories
BJP MLA Diwali News: प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को चरितार्थ कर रहे विधायक अनिल जैन, बस्तियों में जाकर बनाए मिट्टी के दीये
Data Security And Ad Settings: क्या विज्ञापन कंपनियां देख पाएंगी आपके ईमेल और फोटो? जानिए गूगल की प्राइवेसी पॉलिसी का सच
Check Officials Absent: रतलाम में ‘जन विश्वास अभियान’ का रियलिटी चेक; कलेक्टर के जाते ही शिविर से गायब हुए अधिकारी और जनता