October 2, 2026

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Delhi Mumbai Expressway Accidents: एमपी के रतलाम और मंदसौर में हादसों का हॉटस्पॉट बना एक्सप्रेसवे, 1 साल में 15 से ज्यादा मौतें

मध्य प्रदेश के मंदसौर, रतलाम और झाबुआ जिलों से गुजरने वाला बहुचर्चित दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे इन दिनों अपनी भव्यता के बजाय भयानक सड़क हादसों और मौतों के कारण सुर्खियों में आ गया है। हालांकि यह एक्सप्रेसवे अभी पूरी तरह से शुरू भी नहीं हो पाया है, लेकिन कम यातायात के बावजूद यहां लगातार गंभीर हादसे हो रहे हैं। बीते एक साल के भीतर सीतामऊ से थांदला के बीच एक दर्जन से अधिक सड़क दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें 15 से ज्यादा बेकसूर लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

⚠️ जावरा के पास दो घंटे में हुए दो दर्दनाक हादसे: अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरी थीं कारें, नींद की झपकी और ओवरस्पीड बनी मुख्य वजह

महज दो दिन पहले जावरा के पास एक ही जगह पर दो अलग-अलग परिवारों की कारों के साथ भीषण दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें चार लोगों की मौत हो गई। दोनों हादसे मात्र दो घंटे के अंतराल पर हुए, जिसमें गाड़ियां अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे से नीचे जावरा-ताल रोड पर आ गिरीं। इस हृदयविदारक घटना के बाद रतलाम एसपी अमित कुमार, एडिशनल एसपी विवेक कुमार और एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर सहित तमाम बड़े अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। जांच में सामने आया कि सुबह के वक्त ड्राइवरों को नींद की झपकी आना और अत्यधिक रफ्तार इन हादसों का सबसे बड़ा कारण है।

🛑 हादसों को रोकने के लिए एनएचएआई और पुलिस के कड़े निर्देश: हर 5 किमी पर लगेंगी ट्रांसवर्स बार मार्किंग और बनेंगे रेत के बैरिकेड

इन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एएसपी विवेक कुमार ने बताया कि एनएचएआई और टोल कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। टोल नाकों पर लगातार अनाउंसमेंट कर चालकों को लंबी यात्रा के दौरान रेस्टिंग एरिया में रुकने की सलाह दी जाएगी। इसके अलावा, हर 5 किलोमीटर की दूरी पर सड़क पर 5 एमएम उभरी हुई ट्रांसवर्स बार मार्किंग (रंबल स्ट्रिप्स) बनाई जाएगी, जिससे कंपन के जरिए नींद में सो रहे ड्राइवर तुरंत अलर्ट हो जाएं। साथ ही, पुलों और ब्रिजों के पास दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों को नीचे गिरने से रोकने के लिए रेत की बोरियों से थ्री-लेयर मजबूत बैरिकेडिंग तैयार की जा रही है।

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