बिहार के शिक्षा विभाग और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच के दायरे में आए TET और STET के आधार पर नियुक्त शिक्षकों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है. विभाग ने वर्ष 2015 तक नियुक्त ऐसे सभी शिक्षकों के वेरिफाइड प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं. जिला स्तर पर सभी नियोजन इकाइयों से शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है, साथ ही BPSC के माध्यम से नियुक्त या अन्य जिलों में स्थानांतरित हो चुके TET शिक्षकों की जानकारी भी अनिवार्य रूप से देने को कहा गया है.
🔍 2. फर्जी सर्टिफिकेट की जांच से जुड़ा है पूरा मामला, BEO को एक हफ्ते के भीतर सभी शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराने के आदेश
नियोजित शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की यह जांच निगरानी विभाग द्वारा लंबे समय से की जा रही है, जिसमें पहले भी मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों के खुलासे और एफआईआर दर्ज होने के मामले सामने आ चुके हैं. इसी कड़ी में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) स्थापना ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को निर्देश दिया है कि वे नियुक्ति के समय जमा किए गए शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्रों का वेरिफाइड रिकॉर्ड एक हफ्ते के भीतर ब्लॉक वाइज उपलब्ध कराएं.
📚 3. प्राथमिक स्कूलों के 7569 शिक्षकों के लिए छह महीने का ब्रिज कोर्स अनिवार्य, एक साल के भीतर पूरा करना होगा पाठ्यक्रम
प्रमाणपत्रों की इस प्रक्रिया के अलावा प्राथमिक विद्यालयों में B.Ed योग्यता के आधार पर नियुक्त राज्य के 7,569 शिक्षकों के लिए छह महीने का ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य कर दिया गया है. इस कोर्स के लिए कुल 8,290 शिक्षकों ने आवेदन किया था, जिनमें से 7,845 आवेदन फीस के साथ जमा हुए हैं जबकि कुछ के दस्तावेजों की जांच प्रक्रियाधीन है. NIOS के माध्यम से कराए जाने वाले इस कोर्स को आधिकारिक शुरुआत के एक साल के भीतर सफलतापूर्व पूरा करना होगा, अन्यथा शिक्षकों की नियुक्ति अमान्य हो सकती है.

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