April 18, 2026

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देश के पहलवानों को बड़ा झटका, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता की रद्द

नई दिल्ली : देश के पहलवानों को बड़ा झटका लगा है। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग(UWW) ने भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता रद्द कर दी है। डब्ल्यूएफआई की सदस्यता 45 दिन में चुनाव ना करवा पाने की वजह से रद्द हुई। भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव 12 अगस्त को होने थे, मगर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने वोटिंग से ठीक एक दिन पहले चुनाव पर रोक लगा दी थी।

भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता रद्द कर दी गई है। कुश्ती की विश्व स्तर पर यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग की गवर्निंग बॉडी ने यह फैसला किया है। इस साल की शुरुआत से ही भारतीय कुश्ती विवादों में चल रही है। सदस्यता रद्द होने के पीछे चुनाव के अलावा भी कई और कारण मौजूद हैं। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने पहले भी चुनाव में देरी होने को लेकर सस्पेंड करने की वॉर्निंग दी थी। अब यह फैसला ले लिया गया है।
यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने अपने बयान में मई में भारतीय कुश्ती संघ से 45 दिनों के अंदर चुनाव करवाने को कहा था, लेकिन करीब 3 महीने होने के बाद भी चुनाव नहीं हुए हैं। इसी वजह से यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने यह एक्शन लिया है।

भारतीय कुश्ती महासंघ का निलंबित होना भारतीय पहलवानों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। विदित हो कि इससे पहले जनवरी और मई में रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया को सस्पेंड किया जा चुका है। मई में देश के मशहूर पहलवानों ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की कार्यप्रणाली का विरोध किया था, तब निलंबन हुआ था।

बता दें कि महिला पहलवानों के यौन शोषण के आरोपों के बाद खेल मंत्रालय की ओर से रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था और ADHOC कमेटी बना दी गई थी। इसके बाद फेडरेशन के नए इलेक्शन के लिए जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व जज एम एम कुमार को इलेक्शन का धिकारी बनाया गया था। इससे पहले 30 मई को यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग की ओर से रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया को लेटर लिखकर कहा गया था कि अगर अगले 45 दिनों (15 जुलाई) में चुनाव नहीं होते हैं तो फेडरेशन की सदस्यता को निलंबित कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि मौजूदा समय में रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के रोजाना के मामलों का मैनेजमेंट भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा बनाई गई ADHOC कमेंट देख रही है, जिसकी अध्यक्षता भूपेंदर सिंह बाजवा कर रहे हैं।

कुश्ती संघ पर बैन लगने के बाद भारतीय पहलवानों को आगामी विश्व चैंपियनशिप में भारतीय झंडे के नीचे प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति नहीं होगी। भारतीय पहलवानों को 16 सितंबर से शुरू होने वाल ओलिंपिक-क्वालीफाइंग विश्व चैंपियनशिप में ‘तटस्थ एथलीटों’ के रूप में खेलना होगा।

11 जुलाई को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के होने वाले चुनावों में सबसे पहले असम रेसलिंग एसोसिएशन ने बाधा डाली। एसोसिएशन की ओर से हाईकोर्ट से चुनाव पर स्टे ले लिया गया। इसके बाद 12 अगस्त को चुनाव की अगली तारीख तय किया गया, लेकिन इस बार हारियाणा कुश्ती एसोसिएशन ने हारियाणा हाईकोर्ट से चुनाव पर स्टे ले लिया। यह स्टे चुनाव की तय तारीख से एक दिन पहले यानी 11 अगस्त को लिया गया। अब देखना होगा कि आगे इस पर क्या फैसला लिया जाता है।

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