April 21, 2026

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विक्रम विश्वविद्यालय के 32वें कुलगुरु के रूप में प्रो.भारद्वाज ने किया पदभार ग्रहण, विश्वविद्यालय को लेकर यह कहा

उज्जैन: विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के 32वें कुलगुरु के रूप नए कुलगुरू प्रो.अर्पण भारद्वाज ने आज सोमवार को अभिजीत मुहूर्त में पदभार ग्रहण किया।

पदभार ग्रहण करने पहुँचे नए कुलगुरु प्रो.अर्पण भारद्वाज ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित सम्राट विक्रमादित्य की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया व परिसर में पौधा रोपण किया।

पौधारोपण के बाद भारद्वाज ने कुलगुरू कार्यालय पहुंचकर निवृतमान कुलगुरू प्रो. अखिलेश कुमार पांडे से चार्ज लिया। पदभार ग्रहण के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी विश्वविद्यालय स्टॉफ सहित अधिकारी मौजूद थे।

पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए प्रो. भारद्वाज ने कहा कि उनका उद्देश्य विक्रम विश्वविद्यालय को एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
दिलाना है। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय को एक ऐसे मुकाम पर ले जाएंगे जहां पूरी दुनिया उज्जैन और विक्रम विश्वविद्यालय को जाने।” इसके साथ ही, उन्होंने काल गणना के केंद्र के रूप में विश्वविद्यालय को स्थापित करने के लिए चल रहे प्रयासों में तेजी लाने का संकल्प व्यक्त किया।

प्रो. भारद्वाज ने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा का युग है, और विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना होगा। नैक के नए मूल्यांकन पद्धति के तहत विश्वविद्यालय को “स्टीट्यूट ऑफ ग्लोबल एक्सीलेंस” के स्तर पर
पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने के लिए वे कभी रुकेंगे नहीं और लगातार प्रगति की दिशा में प्रयास करेंगे।

पदभार ग्रहण करने के बाद कुलगुरु कार्यालय में विश्वविद्यालय अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने नए कुलगुरु का पुष्पहार पहनाकर, पुष्पगुच्छ भेंटकर शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। इस दौरान निवर्तमान कुलगुरु प्रो. अखिलेश कुमार पांडे को भी हार पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर व पुष्पगुच्छ देकर सम्मान दिया गया।

चार्ज लेने के दौरान कुलसचिव डॉ अनिल कुमार शर्मा, प्रोक्टर प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा, महर्षि पाणिनि संस्कृत विवि के कुलसचिव डॉ दिलीप सोनी, विक्रम विश्वविद्यालय के शिक्षक स्टॉफ व बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।

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