इंदौर: प्रदेश की आर्थिक राजधानी व देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में एक शासकीय स्कूल के सैकड़ों की संख्या में बच्चे सड़क पर रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए करीब 20 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जहाँ शिक्षा व्यवस्था पर कई तरह के सवाल उठाए और कलेक्टर से न्याय मांगा।
एक साथ बड़ी संख्या में छात्रों को रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए देख राहगीर ठहर गए। पहले उन्हें लगा कोई स्कूल की रैली है लेकिन जब छात्रों में हमारी मांगे पूरी करो के नारे लगाए और हाथों में तख्तियां लेकर निकले तो लोग आश्चर्य में पड़ गए। दरअसल, खंडवा रोड स्थित ज्ञान उदय स्कूल के विद्यार्थी आज बड़ी संख्या में पैदल रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहा उन्होंने स्कूल सहित स्कूल प्रबंधन सहित प्रिंसिपल और छात्र आवास के छात्रावास के वार्डन पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए।
बच्चों का कहना था कि वह करीब 20 किलोमीटर दूर से पैदल चलकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे हैं, कलेक्टर कार्यालय के गेट पर बच्चों को रोक दिया गया। जहां काफी समय तक उन्होंने नारेबाजी की और सड़क पर बैठ गए। इस दौरान एनएसयूआई और एबीवीपी के लोग भी मौके पर पहुंचे।
मामले में बच्चों का कहना था कि एक विद्यार्थी बीती रात हॉस्टल में गिरने से घायल हो गया है। जिसका उचित इलाज करवाने को लेकर वार्डन और प्रिंसिपल ने मना कर दिया। जिसके बाद विद्यार्थियों ने थोड़े-थोड़े पैसे मिलाकर घायल अरविंद को भंवरकुआं क्षेत्र के एक अस्पताल में भर्ती कराया। वही प्रदर्शन के दौरान एक बच्चे की भूखे पेट रहने के कारण तबियत बिगड़ गई, जहा उसे पुलिस की डायल 100 में अस्पताल भेजा गया। काफी मशक्कत के बाद बच्चों ने कलेक्टर इलैया राजा टी से मुलाकात की और अपनी तकलीफ बताई, वहीं कलेक्टर ने इस मामले में कहा कि बच्चों की समस्याएं दूर करने के लिए सकारात्मक आश्वासन उन्हें दिया गया है और मामले की जांच भी होगी।

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