भोपाल। राजधानी भोपाल के गली-मोहल्लों में बच्चों का निकलना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है। शाहजहांनाबाद के नूर महल रोड पर आवारा कुत्तों के एक खूंखार झुंड ने 8 साल के मासूम बालक पर अचानक हमला बोल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चे के चेहरे और शरीर पर गहरे घाव आए हैं, और उसका पिछले 5 दिनों से हमीदिया अस्पताल में इलाज व सर्जरी चल रही है। इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर नगर निगम की आवारा पशु नियंत्रण व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इसी क्षेत्र में महज एक हफ्ते के भीतर कुत्तों के काटने की करीब 15 घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
📈 हर साल जन्म लेते हैं 60 हजार श्वान, एबीसी सेंटरों की कमी के कारण बेकाबू हो रही स्थिति
आंकड़ों के मुताबिक भोपाल शहर में हर साल लगभग 60 हजार स्ट्रीट डॉग्स पैदा होते हैं, जबकि नगर निगम सालभर में बमुश्किल 25 हजार कुत्तों की ही नसबंदी कर पाता है। जानकारों का कहना है कि शहर के हिसाब से प्रत्येक 10 वार्ड पर एक एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर यानी कुल 9 सेंटरों की आवश्यकता है, लेकिन फिलहाल मात्र 3 सेंटर ही सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अक्टूबर से जनवरी के बीच कुत्तों की प्रजनन गतिविधियां बढ़ जाती हैं, ऐसे में खुले में कचरा फेंकने से बचने और प्रशासन द्वारा नसबंदी अभियान को तेजी से चलाने की बेहद जरूरत है ताकि शहरवासियों को इस खतरे से राहत मिल सके।

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