October 9, 2026

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Health Alert: अचानक क्यों आता है कार्डियक अरेस्ट? जानिए इसके शुरुआती संकेत और सीपीआर का महत्व

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन का मुख्य कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है। इस दुखद खबर ने एक बार फिर से लोगों के मन में कार्डियक अरेस्ट और दिल की बीमारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 75 वर्षीय अभिनेता को घर पर अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने सीपीआर (CPR) देकर उन्हें बचाने की तमाम कोशिशें कीं, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के बीच के अंतर को समझने पर जोर दिया है।

⚡ हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में क्या होता है मुख्य अंतर?

मेदांता मूलचंद हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार बताते हैं कि अक्सर लोग हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक ही मान लेते हैं, जबकि दोनों बिल्कुल अलग स्थितियां हैं।

  • हार्ट अटैक: यह तब होता है जब दिल की किसी नस में ब्लॉकेज आ जाती है और हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त खून व ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इस दौरान दिल आमतौर पर धड़कता रहता है।
  • कार्डियक अरेस्ट: यह मुख्य रूप से दिल के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में गड़बड़ी के कारण होता है, जिससे दिल अचानक खून पंप करना पूरी तरह बंद कर देता है और धड़कन रुक जाती है।
⏱️ कार्डियक अरेस्ट में हर सेकंड क्यों होता है बेहद महत्वपूर्ण?

कार्डियक अरेस्ट के दौरान दिल शरीर में खून पंप करना बंद कर देता है, जिससे दिमाग और अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाती है। व्यक्ति अचानक बेहोश हो सकता है और सामान्य रूप से सांस लेना बंद कर सकता है। कई मामलों में इसके कोई स्पष्ट शुरुआती लक्षण पहले से नजर नहीं आते। ऐसी आपात स्थिति में इंतजार करना जानलेवा साबित हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति अचानक गिर जाए और प्रतिक्रिया न दे, तो तुरंत सीपीआर शुरू करना और उपलब्ध होने पर एईडी (AED) का इस्तेमाल करना उसकी जान बचाने में सबसे अहम भूमिका निभा सकता है।

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