रियल एस्टेट कारोबारी संदीप उर्फ बंटी नागर आत्महत्या केस में पुलिस लगातार शिकंजा कसती जा रही है। पलासिया पुलिस ने मंगलवार को मामले में अहम कार्रवाई करते हुए उनके ड्राइवर और कार्यालय के कर्मचारियों को थाने बुलाया और गहन पूछताछ की। घर से मिले सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और चैटिंग को आधार बनाकर की गई इस पूछताछ में कई ब्रोकर, कॉलोनाइजर और फायनेंसरों के नाम खुलकर सामने आए हैं, जिससे इस मामले में कई और परतें खुलने की उम्मीद है।
🕵️♂️ पटवारी की भूमिका और डीएसपी के फंसे पैसों की जांच: वसूली के दबाव से तनाव में थे कारोबारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि बंटी नागर के संपर्क में एक पटवारी भी था, जिसकी चैट और कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं। बाल्याखेड़ी और भानगढ़ बायपास प्रोजेक्ट्स में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा, सूत्रों के मुताबिक एक डीएसपी के 60 लाख से अधिक रुपये भी इस कारोबार में फंसे होने की पुष्टि कॉल डिटेल से हुई है। फायनेंसरों और कुछ अन्य लोगों द्वारा लगातार बनाए जा रहे दबाव के कारण ही बंटी कार्यालय कम आने लगे थे और उनके घर तक वसूली करने लोग पहुंचने लगे थे।
📱 कॉल डिटेल्स और दस्तावेजों से खुलेगा राज: परिवार ने मांगा समय, प्रशासनिक अफसरों के लेन-देन की भी चर्चा
मृतक के कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि वे लगातार मानसिक दबाव में थे। मामले में सन्नी, श्याम खत्री, विक्की रघुवंशी और फायनेंसर बबलू उर्फ अशोक भाटिया समेत कई लोगों के नाम चर्चा में हैं। पुलिस अब इन सभी पहलुओं और लेन-देन के दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि आखिर किन परिस्थितियों ने एक कारोबारी को इस खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर किया।

More Stories
Freelancers & IT Professionals: भारत में बैठकर विदेश में सर्विस देने वालों के लिए जरूरी अपडेट, 30 नवंबर है पहली डेडलाइन
MP Health Department: सेवा बहाली की मांग को लेकर सड़क पर उतरे कोरोना योद्धा, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से की मुलाकात
Bandhavgarh Tiger Reserve: जंगली हाथी के मूवमेंट पर वन विभाग की पैनी नजर, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह