मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण छोटे तालाब की स्वच्छता एवं संरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला छोटे तालाब का है, जहां बेखौफ होकर पानी में घोड़ों को उतारकर नहलाए जाने की तस्वीरें सामने आई हैं। तालाब के पानी में इस तरह मवेशियों को नहलाने से पानी के दूषित होने और जलीय पर्यावरण के प्रभावित होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है, जबकि रोजाना हजारों लोग इस क्षेत्र में सैर के लिए पहुंचते हैं।
🐎 शाम के वक्त तालाब में उतरे घोड़े, निगरानी करने वाले सुरक्षाकर्मी और जिम्मेदार अधिकारी रहे नदारद
एक तरफ जहां भोपाल नगर निगम और झील संरक्षण प्रकोष्ठ द्वारा तालाबों की साफ-सफाई और उनकी सुरक्षा के लिए बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। शाम के समय कुछ लोग सरेआम घोड़ों को पानी के अंदर ले जाकर नहलाते हुए नजर आए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस छोटे तालाब को संरक्षित करने का जिम्मा प्रशासन और विशेष प्रकोष्ठ का है, वहां ऐसी अवैध गतिविधियां होने के दौरान सुरक्षाकर्मी और निगरानी दल कहाँ गायब थे?
🔍 झील संरक्षण अधिकारी संतोष गुप्ता ने दिए जांच के आदेश, नियमों के तहत सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा
यह मामला तूल पकड़ने के बाद झील संरक्षण प्रकोष्ठ के अधिकारी संतोष गुप्ता ने इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराने की बात कही है। उनका कहना है कि वीडियो और सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है, और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि छोटे तालाब के पानी को प्रदूषक तत्वों और गंदगी से बचाने के लिए अब निगरानी व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने की सख्त जरूरत है।

More Stories
Madhya Pradesh Municipal News: बल्क वेस्ट जनरेटर के लिए नए नियम लागू, कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर
Gold and Silver Price Fall: रतलाम में गिरे कीमती धातुओं के दाम, व्यापारी कीर्ति बड़जात्या और क्षितिज सोनी ने बताई वजह
Madhya Pradesh Accident News: निशांत, केशव और सूरज की सड़क हादसे में गई जान, पुलिस कर रही है जांच