इंदौर। इंदौर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मृत दूध व्यवसायी के परिजनों को इंदौर जिला कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने पीड़ित परिवार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को क्षतिपूर्ति के रूप में 36 लाख रुपये की राशि देने के सख्त आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने बीमा कंपनी को यह पूरी राशि 30 दिन की निर्धारित समयावधि के भीतर जमा कराने का निर्देश दिया है।
🚗 3 सितंबर 2020 को हुआ था सड़क हादसा: मानपुर दूध सप्लाई करने जाते समय घटी घटना
यह भीषण सड़क हादसा 3 सितंबर 2020 को घटित हुआ था।
दूध व्यवसायी उमेश जाट रोज की तरह अपने चार पहिया वाहन में दूध लोड करके मानपुर की ओर सप्लाई देने जा रहे थे। रास्ते में उमरिया पेट्रोल पंप के पास एक आयशर वाहन के चालक ने अपने वाहन को सड़क के ठीक बीचों-बीच बिना कोई इंडिकेटर चालू किए और बिना कोई चेतावनी या संकेतक लगाए लापरवाही से खड़ा कर रखा था।
🌑 अंधेरा होने के कारण आयशर के पिछले हिस्से से टकराया वाहन: मौके पर ही हो गई थी मौत
तड़के अंधेरा होने की वजह से उमेश जाट का वाहन सड़क पर खड़े आयशर के पिछले हिस्से में सीधे जाकर टकरा गया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि उमेश जाट की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने एडवोकेट राजेश तिवारी और एडवोकेट उमेश तिवारी के माध्यम से आयशर वाहन का बीमा करने वाली संबंधित इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ कोर्ट में क्षतिपूर्ति दावा याचिका दायर की थी।
💰 ब्याज सहित कुल 36 लाख रुपये मिलेगी राशि: 30 दिन में जमा कराने का आदेश
मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने पीड़ित परिवार के दावे को सही पाया।
एडवोकेट तिवारी ने बताया कि अदालत ने मृतक के परिजनों को ₹26 लाख 84 हजार रुपये की मूल क्षतिपूर्ति राशि मंजूर की। याचिका दायर करने की तिथि से ब्याज जोड़ने के बाद यह कुल राशि लगभग 36 लाख रुपये बनती है। अदालत ने बीमा कंपनी को यह राशि जल्द से जल्द जमा करने का कानूनी निर्देश दिया है।

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