September 14, 2026

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Vatsala Elephant Statue: 108 साल की वत्सला की यादें होंगी चिरस्थायी, अकोला बफर गेट पर स्थापित हुई भव्य स्टैच्यू

पन्ना। पन्ना टाइगर रिजर्व की शान और ‘दादी मां’ के नाम से विख्यात वत्सला हथिनी भले ही अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन पन्ना नेशनल पार्क के इतिहास में उसकी यादें हमेशा अमर रहेंगी।

108 वर्ष की लंबी आयु पूरी करने के बाद 8 जुलाई 2025 को अंतिम सांस लेने वाली वत्सला की स्मृति में पन्ना टाइगर रिजर्व के अकोला बफर गेट के मुख्य द्वार के समीप उसकी भव्य प्रतिमा (स्टैच्यू) स्थापित की गई है। इस प्रतिमा का अनावरण मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा विधिवत किया गया।

🌲 1917 में केरल के नीलांबुर जंगलों में हुआ था जन्म: वात्सल्य और ममता की मिसाल थी वत्सला

प्रतिमा का अनावरण करते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने वत्सला को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

पन्ना टाइगर रिजर्व की डिप्टी डायरेक्टर बी. के. पटेल ने बताया कि “वत्सला को विश्व की सबसे बुजुर्ग हथिनी माना जाता था। उसका जन्म लगभग वर्ष 1917 के आसपास केरल के नीलांबुर जंगलों में हुआ था। पन्ना की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में उसने लंबा जीवन व्यतीत किया। वत्सला ने कभी मैटिंग नहीं की, लेकिन पार्क की दूसरी हथिनियों के बच्चों का पालन-पोषण अत्यंत स्नेह और वात्सल्य के साथ किया, इसी कारण उसे पूरा पार्क अमला और पर्यटक ‘दादी मां’ कहकर पुकारते थे।”

📜 1971 में केरल से लाई गई थी मध्य प्रदेश: 32 वर्षों तक पन्ना नेशनल पार्क का रही मुख्य आकर्षण

वत्सला को वर्ष 1971 में केरल से मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम स्थित बोरी अभ्यारण्य लाया गया था। इसके बाद वर्ष 1993 में उसे पन्ना टाइगर रिजर्व स्थानांतरित किया गया, जहां वह लगातार 32 वर्षों तक पार्क की मुख्य धरोहर बनी रही।

उम्रदराज होने के कारण अंतिम वर्षों में उसकी आंखों की रोशनी कम हो गई थी और नाखून टूटने की वजह से चलने-फिरने में भी कठिनाई होती थी। इसलिए वन अमला उसे विशेष देखभाल के साथ पास के खेरईया नाले तक ही टहलाने और नहलाने ले जाता था।

🕊️ खेरईया नाले के पास त्यागे थे प्राण: दुनिया भर में दौड़ी थी शोक की लहर

8 जुलाई 2025 को जब वत्सला को हमेशा की तरह खेरईया नाले के पास ले जाया गया, तो वह वहां विश्राम के लिए बैठी और फिर दोबारा नहीं उठ सकी।

उसकी मृत्यु की खबर से देश-विदेश के वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई थी। पन्ना टाइगर रिजर्व के इतिहास से गहराई से जुड़ी इस ऐतिहासिक हथिनी की स्मृतियों को अक्षुण्ण रखने के लिए ही अकोला गेट पर इस स्मारक प्रतिमा का निर्माण किया गया है।

🏛️ अनावरण समारोह में पहुंचे कई दिग्गज: प्रभारी मंत्री और वन अमला रहा मौजूद

अकोला गेट पर आयोजित अनावरण समारोह में जिला प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार, क्षेत्रीय विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

वन विभाग की ओर से पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक (Field Director), दक्षिण पन्ना के वनमंडलाधिकारी (DFO), उप संचालक, सहायक संचालक और परिक्षेत्र अधिकारियों सहित पूरा वन अमला इस भावुक पल का गवाह बना।

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