खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पिपलोद थाना अंतर्गत ग्राम बोरखेड़ा खुर्द में जंगल कटाई और वनभूमि पर अवैध कब्जा हटाने के विरोध से उपजी रंजिश ने भयानक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। 56 वर्षीय सरपंच पति रूमसिंग (पुत्र बंगड़ा) की नृशंस हत्या के मामले का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश कर दिया है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 2 अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस के अनुसार, जुलाई माह में वन विभाग और प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई के तहत कुछ अवैध मकान तोड़े गए थे। आरोपियों को शक था कि इस कार्रवाई के पीछे रूमसिंग का हाथ था, इसी रंजिश में हत्या की साजिश रची गई थी।
🔪 चार दिनों तक की गई रेकी, फिर सुनसान रास्ते में कुल्हाड़ी और चाकू से किया हमला
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रूमसिंग रोज किसी काम से बोरखेड़ा खुर्द जाते थे और अक्सर देर शाम मोटरसाइकिल से घर लौटते थे। आरोपियों को उनकी इस दिनचर्या की पूरी जानकारी थी।
घटना से तीन-चार दिन पहले से ही उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक आरोपी रूमसिंग की रेकी कर रहा था और लगातार साथियों को लोकेशन दे रहा था, जबकि चार अन्य आरोपी हथियारों से लैस होकर नदी के पास घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही रूमसिंग वहां पहुंचे, आरोपियों ने लट्ठ मारकर उन्हें बाइक से नीचे गिरा दिया और फिर गर्दन पर कुल्हाड़ी व चाकू से दनादन वार कर दिए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
🐕 डॉग स्क्वाड और साइबर सेल की मदद से 48 घंटे में सुलझी गुत्थी: SP अगम जैन ने टीम को दिया इनाम
पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक (SP) अगम जैन ने बताया कि शुक्रवार सुबह बोरखेड़ा के पास नदी किनारे रूमसिंग का खून से लथपथ शव बरामद हुआ था। मृतक की पत्नी और वर्तमान सरपंच ज्ञानीबाई तथा परिजनों ने अतिक्रमण की रंजिश के आधार पर कुछ संदिग्धों पर शंका व्यक्त की थी।
जांच के दौरान डॉग स्क्वाड का सुराग संदिग्धों के घरों तक पहुंचा। इसके बाद फोरेंसिक और साइबर सेल के तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 48 घंटे के भीतर 5 लोगों की संलिप्तता का खुलासा हुआ। SP द्वारा घोषित 10 हजार रुपये की इनामी राशि सफलता हासिल करने वाली पुलिस टीम को दी जाएगी।
⚖️ तीन आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल, दो फरार: धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने मामले में आमाखुजरी भिलाईखेड़ा निवासी साहदर उर्फ सरदार (40), अनिल (40) (दोनों पुत्र कलसिंग) और दिनेश (19, पुत्र नानसिंग) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
वहीं मामले के दो अन्य आरोपी छतरसिंह और सुरमल फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला पंजीकृत किया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विक्रम धार्वे, एसआई प्रेमसिंह जामोद, आरक्षक धीरज बेंजामिन और साइबर सेल टीम की अहम भूमिका रही।
🌳 जंगल बचाने के लिए स्थानीय आदिवासियों ने भरी थी हुंकार: दोनों गुटों में लंबे समय से चल रही थी खींचतान
उल्लेखनीय है कि खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में लंबे समय से बाहरी जिलों से आकर वनभूमि पर कब्जा करने वाले अतिक्रमणकारियों से स्थानीय निवासी व आदिवासी बेहद परेशान थे।
करीब दो महीने पहले जंगल समर्थकों ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ जिला मुख्यालय में विशाल प्रदर्शन और रैली निकाली थी। इसके जवाब में अतिक्रमणकारियों ने भी रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया था। बाद में प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने आमाखुजरी के जंगलों से अतिक्रमण हटा दिया था, जिसके बाद से ही दोनों पक्षों के बीच अंदरूनी तनाव और खींचतान बनी हुई थी।

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