उज्जैन। आगामी शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व को लेकर धार्मिक नगरी उज्जैन में हलचल शुरू हो गई है। नवरात्रि के दौरान अक्सर देखा जाता है कि होटल, रिसॉर्ट और अन्य निजी संस्थानों द्वारा 2, 3 या 5 दिनों के व्यावसायिक गरबा इवेंट आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में कई बार असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल खराब करने, नशा करने और धार्मिक पर्व के नाम पर अश्लील व फूहड़ गानों पर नृत्य करने की शिकायतें सामने आती हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में ‘हिंदू जागरण मंच’ के कार्यकर्ता शुक्रवार शाम बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
📜 केवल 9 दिन के पारंपरिक गरबा और घट स्थापना करने वालों को ही मिले अनुमति
हिंदू जागरण मंच का स्पष्ट कहना है कि शारदीय नवरात्रि में ऐसे किसी भी व्यावसायिक संस्थान या आयोजक को अनुमति न दी जाए, जो माता की भक्ति के नाम पर महज 2-3 दिनों के इवेंट आयोजित कर फूहड़ता फैलाते हैं। अनुमति केवल उन्हीं आयोजकों को दी जानी चाहिए जो पूरे 9 दिनों तक विधि-विधान से माता की प्रतिमा और घट स्थापना कर धार्मिक परंपराओं का पालन करते हैं। हिंदू संगठन ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की, तो संगठन खुद ऐसे फूहड़ इवेंट्स को रोकने के लिए सक्षम और तैयार है।
⚠️ पहचान छिपाने वालों और रील बनाने के विवाद पर कड़ी चेतावनी
हिंदू जागरण मंच के संयोजक रितेश माहेश्वरी ने बताया कि उनका संगठन पिछले 5 वर्षों से गरबा पांडालों में पहचान छिपाकर प्रवेश करने वाले और नशे में धुत असामाजिक तत्वों को पकड़कर पुलिस के हवाले करता आ रहा है। हाल ही में शहर के टावर चौक पर एक आयोजन के दौरान नवरात्रि में प्रतिमा स्थापित कर सबसे अच्छी रील बनाने वाले को 1 लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया गया था, जिस पर रितेश माहेश्वरी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए चेतावनी दी।
इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि डाबरीपीठा, दशहरा मैदान, कालिदास अकादमी, तरण ताल और युवा कृति मंच जैसे पारंपरिक स्थानों पर वर्षों से 9 दिनों तक हो रहे भक्तिमय गरबों का संगठन पूर्ण सम्मान करता है। तहसीलदार प्रदीप सोनी ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाने का आश्वासन दिया है।
🔊 भोपाल में पुलिस-डीजे संचालकों की बैठक, अधिकतम 4 स्पीकर और डेसिबल सीमा तय
उधर, भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आगामी त्योहारों को देखते हुए पुलिस अधिकारियों और डीजे संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित डेसिबल सीमा (ध्वनि मानक) के भीतर ही डीजे बजाया जा सकेगा। इसके अलावा, एक डीजे सिस्टम में अधिकतम केवल चार (4) स्पीकर लगाने पर सहमति बनी है और रात्रि के समय निर्धारित प्रतिबंधित अवधि में डीजे का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
⚖️ नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई: एडिशनल पुलिस कमिश्नर
बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने डीजे संचालकों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आयोजकों के दबाव में आकर तेज आवाज में डीजे बजाने पर खुद डीजे संचालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने साफ किया कि त्योहारों के दौरान शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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