हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2026 में पवित्र सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होने जा रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का पूरा महीना भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है. इस पावन अवसर पर शिव भक्त अपने आराध्य को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय और पूजा-पाठ करते हैं. शास्त्रों में बताया गया है कि महादेव बहुत ही भोले हैं और वे बड़ी-बड़ी चीजों के बजाय अपने भक्तों के सच्चे भाव तथा अपनी पसंदीदा साधारण चीजों से ही जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं. सावन के दिनों में शिवलिंग पर शिवजी की प्रिय सामग्री अर्पित करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और आपकी इच्छा पूरी होती है.
भोलेनाथ को सबसे प्रिय है जल और बेलपत्र
भगवान शिव को सभी सामग्रियों में जल और बेलपत्र सबसे अधिक प्रिय माने जाते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब विष निकला था, तब महादेव ने पूरी सृष्टि की रक्षा के लिए उस विष को अपने कंठ में धारण किया था. विष की तीव्र जलन को शांत करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने उन पर शीतल जल अर्पित किया था. इसी कारण शिवलिंग पर जल चढ़ाने से महादेव तुरंत शांत और प्रसन्न होते हैं. इसके साथ ही तीन पत्तियों वाला बिना कटा-फटा बेलपत्र अर्पित करना बेहद शुभ माना गया है. तीन पत्तियों वाले बेलपत्र को त्रिदेव और शिवजी के तीन नेत्रों का प्रतीक माना जाता है. सावन में जल के साथ बेलपत्र अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.
भांग, धतूरा और शमी पत्र अर्पित करने का महत्व
जल और बेलपत्र के अलावा भगवान शिव को भांग, धतूरा और शमी पत्र भी अत्यंत प्रिय हैं. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार धतूरा और भांग में विषैले प्रभाव को कम करने वाले प्राकृतिक गुण होते हैं इसलिए इन्हें शिवलिंग पर चढ़ाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. भांग और धतूरा अर्पित करने से साधक के जीवन से भय, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक तनाव हमेशा के लिए समाप्त हो जाते हैं. इसके साथ ही शमी पत्र चढ़ाना भी शिव पूजा में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. मान्यता है कि सावन के महीने में महादेव को नियमित रूप से शमी पत्र अर्पित करने से शनि दोष से राहत मिलती है और व्यापार तथा नौकरी में आ रही सभी बाधाएं दूर होकर तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं.
दूध, अक्षत और सफेद चंदन से प्रसन्न होते हैं महादेव
भगवान शिव की पूजा में दूध, अक्षत और सफेद चंदन का प्रयोग भी बहुत महत्वपूर्ण और फलदाई माना गया है. सावन के पवित्र दिनों में कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करने से व्यक्ति को आरोग्य और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है. इसके अलावा पूजा में अक्षत (बिना टूटे हुए चावल) अर्पित करना बहुत शुभ होता है. अक्षत चढ़ाने से जीवन में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती और घर की आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे दूर हो जाती हैं. शिवलिंग पर सफेद चंदन का लेप या त्रिपुंड लगाने से मन को अपार शांति मिलती है और क्रोध पर नियंत्रण रहता है. इन सभी पवित्र चीजों को सही विधि और श्रद्धा भाव से अर्पित करने से भोलेनाथ का आशीर्वाद परिवार पर सदैव बना रहता है.

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