May 21, 2026

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स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के ‘रूबरू’ कार्यक्रम में आई फिल्म बैलेंस की टीम

इंदौर: बैलेंस एक भावनात्मक पारिवारिक कहानी है, जिसकी पृष्ठभूमि इंदौर शहर है। यह फिल्म एक मध्यमवर्गीय परिवार के जीवन और आज की तेज़ी से बदलती दुनिया में आने वाले बदलावों के बीच उनके संघर्ष को दर्शाती है।

यह जानकारी स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के रूबरू कार्यक्रम में फिल्म बैलेंस के निर्माता रुचिता मेहता, निर्देशक प्रवेश व्यास और मुख्य कलाकार रोहिताश्व गौर ने दी। कार्यक्रम में अभिनेता राघव श्रीवास्तव, अभिनेत्री पूजा चौधरी एवं मीनल शर्मा भी मौजूद थीं। फिल्म की शूटिंग 3 मई 2026 से शुरू हुई है और 26 मई 2026 तक शूटिंग पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। फिल्म में अभिनेता रोहिताश्व गौर 20 मई तक अपने हिस्से की शूटिंग पूरी कर लेंगे।

प्रवेश व्यास इस फिल्म में लेखक, निर्देशक, सिनेमैटोग्राफर, संगीत निर्देशक और एडिटर जैसी कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभा रहे हैं। उनकी पत्नी रुचिता मेहता व्यास इस फिल्म की निर्माता हैं। फिल्म के एक्टर्स कोच और एसोसिएट डायरेक्टर तपन शर्मा हैं, जो इंदौर में लंबे समय से थिएटर ग्रुप चला रहे हैं और स्थानीय उभरते कलाकारों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। फिल्म के 99% कलाकार इंदौर से हैं, जिनमें कुछ प्रसिद्ध नाम जैसे श्रीराम जोग, शैलेन्द्र शर्मा और डॉ. ऋषिना नाटू शामिल हैं।

फिल्म की शूटिंग में ऐरी एलेक्सा मिनी एफएल कैमरे का इस्तेमाल किया गया है जो बाहुबली, कांतारा, पठान, एनिमल, ब्रह्मास्त्र जैसी भारतीय फिल्मों के साथ ही हॉलीवुड की ड्यून बैटमैन, मिशन इम्पॉसिबल जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में इस्तेमाल किया जा चुका है। डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी व्यास ने बताया कि उन्होंने इस कैमरे को इसलिए चुना ताकि फिल्म को सबसे वास्तविक और सिनेमैटिक अनुभव दिया जा सके।

फिल्म की शूटिंग मुख्य रूप से इंदौर में की गई है। निर्माताओं ने कोशिश की है कि शहर की साफ-सुथरी, सुंदर और सकारात्मक छवि को पर्दे पर दिखाया जाए। इसी उद्देश्य से शूटिंग के दौरान अंडर कंस्ट्रक्शन स्थानों से बचते हुए आकर्षक लोकेशन्स को फ्रेम किया गया है, ताकि इंदौर की खूबसूरती और स्वच्छता दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

फिल्म की रिलीज़ दिसंबर 2026 में प्रस्तावित है और पूरी टीम को उम्मीद है कि यह कहानी दर्शकों के दिलों तक ज़रूर पहुंचेगी।

फिल्म निर्देशक व्यास ने बताया कि फिल्म का मुख्य विषय आज की युवा पीढ़ी पर पश्चिमी संस्कृति के बढ़ते प्रभाव को सामने लाना है। आधुनिक जीवनशैली, महंगी चीज़ों और पैसों की दौड़ में कई युवा यह मानने लगे हैं कि सुख और सफलता केवल भौतिक चीज़ों में ही छिपी है।

मुख्य अभिनेता गौर ने बताया कि फिल्म बैलेंस एक सरल, संवेदनशील और दिल से जुड़ी कहानी के माध्यम से पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी, परिवारों के भीतर के भावनात्मक संघर्ष और जीवन मूल्यों के महत्व को उजागर करती है। यह फिल्म दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है कि जीवन में वास्तव में क्या मायने रखता है, और आधुनिक सपनों तथा पारंपरिक संस्कारों के बीच सही संतुलन कैसे बनाया जाए।

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