April 26, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

हाथों में डमरू और 108 घोड़ों के साथ निकली शौर्य यात्रा, सोमनाथ की धरती पर स्वाभिमान पर्व में शौर्य यात्रा में शामिल हुए PM मोदी

गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दूसरे दिन सोमनाथ में आयोजित स्वाभिमान पर्व के तहत शौर्य यात्रा में भाग लिया। यह शौर्य यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योद्धाओं को समर्पित रही।

शिव भक्तों की भारी भीड़ इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल हुई और हाथों में डमरू लिए श्रद्धा और उत्साह के साथ आगे बढ़ी।

शौर्य यात्रा की खास पहचान 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस रहा। इन घोड़ों को शौर्य, साहस और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। यात्रा के दौरान पारंपरिक वेशभूषा, धार्मिक नारे और भक्ति संगीत का वातावरण पूरे सोमनाथ क्षेत्र में देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा में शामिल होकर वीर योद्धाओं को नमन किया और उनकी वीरता को याद किया।

शौर्य यात्रा में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान शिव से देश की समृद्धि और नागरिकों के कल्याण की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

प्रधानमंत्री मोदी फूलों से सजी एक खुली गाड़ी में खड़े होकर सड़क के दोनों ओर जमा भीड़ का अभिवादन करते दिख रहे हैं। गाड़ी के चारों ओर भारी सुरक्षा व्यवस्था है, जिसमें कर्मी साथ-साथ चल रहे हैं और अन्य सरकारी गाड़ियां पीछे-पीछे आ रही हैं। भीड़ में लोग झंडे लहराते और हाथ उठाते हुए देखे जा सकते हैं, वहीं भगवा रंग के बैनर और सजावटी सामान रास्ते में लगे हुए हैं, जो उत्सव के माहौल को और बढ़ा रहे हैं। कई उपस्थित लोग खुशी से चिल्लाते हुए और अपने फोन पर इस पल को रिकॉर्ड करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने एक जनसभा को भी संबोधित किया।

पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “मैं अपना बहुत बड़ा सौभाग्य मानता हूं कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सक्रिय सेवा का अवसर मिला है। आज देश के कोने-कोने से लाखों लोग हमारे साथ जुड़े हैं, उन सबको मेरी तरफ से जय सोमनाथ। ये समय अद्भुत है, ये वातावरण अद्भुत है, ये उत्सव अद्भुत है। एक ओर देवाधिदेव महादेव, दूसरी ओर समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की ये गूंज, आस्था का ये उफान और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के भक्तों की उपस्थिति, इस अवसर को भव्य और दिव्य बना रही है।”

पीएम मोदी ने कहा कि एक हजार साल पहले, इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा। आप जो यहाँ उपस्थित हैं, उनके पुरखों ने, हमारे पुरखों ने जान की बाज़ी लगा दी थी। अपनी आस्था के लिए, अपने विश्वास के लिए, अपने महादेव के लिए उन्होंने अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया। हजार साल पहले वे आततायी सोच रहे थे कि उन्होंने हमें जीत लिया, लेकिन आज एक हजार साल बाद भी, सोमनाथ महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्वजा पूरी सृष्टि का आह्वान कर रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है, उसका सामर्थ्य क्या है।

इस बार का ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ बेहद खास है। इतिहास के पन्ने पलटें तो साल 1026 ईस्वी में महमूद गजनी ने इस मंदिर को तहस-नहस कर दिया था। आज उस काले अध्याय के 1000 साल पूरे होने पर देश यह संदेश दे रहा है कि सोमनाथ हमारी सभ्यता के साहस का प्रतीक है।

ज्ञात हो कि शनिवार शाम को भी पीएम मोदी ने यहां महाआरती की थी और 3000 ड्रोन्स के जरिए आसमान में सोमनाथ की गाथा को उकेरा गया था। ड्रोन शो में अहिल्याबाई होल्कर से लेकर सरदार पटेल तक के योगदान को दिखाया गया, जिसे देखकर वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।

Share to...