October 1, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

भागीरथपुरा दूषित पानी कांड पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख, कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध जनक उदासीनता बताया

इंदौर: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी और अब तक हुई बीस असामयिक मौतों के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने इसे सामान्य लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर अपराधजनक उदासीनता बताया है। इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में चार जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं।

याचिकाकर्ता वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागड़िया के अनुसार, साफ पानी की आपूर्ति और स्वास्थ्य शिविरों को लेकर पहले भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन नगर निगम ने उन्हें नजरअंदाज किया। उन्होंने बताया कि नवंबर 2022 में सवा दो करोड़ रुपये की लागत से नई पाइपलाइन बिछाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन काम ज़मीन पर नहीं उतरा। इसके अलावा 2017-18 में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में पानी के सभी सैंपल फेल पाए गए थे, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाने और दोषी अधिकारियों पर हत्या की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की गई है। मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।

विदित हो कि इंदौर के भागीरथ पूरा में दूषित पानी पीने की वजह से सैकड़ों लोग बीमार हो गए थे। बीमार लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई गंभीर बीमार हो गए जिसमे से करीब 15 से ज्यादा लोगो की मौत गई है वही कई अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं और ईलाज रत हैं। भागीरथ पूरा पानी से बीमार मामले में राजनीति भी गरमाई। जहां कांग्रेस ने सत्ताधारी दल भाजपा और निगम अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। वही सरकार ने भी सख्त कदम उठाते हुए। निगम के वरिष्ठ अधिकारियों जिसमे निगम आयुक्त, अपर आयुक्त सहित अधिकरियों को तत्काल हटाया गया और निलंबित किया गया। वही यह क्षेत्र प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विधानसभा क्षेत्र होने से विजयवर्गीय पर भी आरोप लगें साथ ही कैलाश विजयवर्गीय नेताओं सहित अधिकारियों के साथ खुद मैदान में उतरे और लोगो की मदद की और अस्पतालों को भी अलर्ट किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुद मोके पर पहुँचे ओर बीमारों का हाल जाना और डॉक्टरों को समुचित उपचार के निर्देश देकर पानी की जांच कर कैसे दूषित हुआ उसके निराकरण के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद ओर मामले को तूल पकड़ता देख निगम भी हरकत में आया और सप्लाई बंद कर टंकियों की साफ सफाई करवाई गई साथ ही नर्मदा पानी मे दूषित पानी मिलने के स्थान का पता लगाकर उसे दुरस्त करवाया गया। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में पानी के टेंकरो से पानी सप्लाई करवाकर व्यवस्था करवाई गई और लोगो के समुचित स्वास्थ्य का ख्याल रखा जा रहा हैं।

वही इस पूरे प्रकरण में पत्रकार और कैलाश विजयवर्गीय के बीच भी तीखी नोकझोक देखने को मिली जिस पर कांग्रेस ने भी विजयवर्गीय पर निशाना साधा ओर इस मामले में भी जमकर राजनीति हुई।

अब भी बहुत से लोग दूषित पानी पीने से बीमार है और उनका ईलाज अस्पतालों में जारी हैं। वही सरकार भी समुचित व्यवस्थाएं जुटाने में लगी हुई है।

Share to...