April 21, 2026

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर पीएम मोदी की आई पहली प्रतिक्रिया, यह बोले पीएम मोदी

नईदिल्ली: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंगलवार (22 जुलाई) को मंजूर हो गया है। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। धनखड़ के इस्तीफे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर की है। पीएम मोदी ने धनखड़ के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पोस्ट के जरिए कहा, ”श्री जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।’

धनखड़ का इस्तीफा मंजूर भी हो गया है। लिहाजा अब जल्द से जल्द इस पद को भरने के लिए चुनाव कराना होगा। संविधान के मुताबिक मृत्यु, इस्तीफा या पद से हटाए जाने के बाद उपराष्ट्रपति के पद को भरने के लिए बहुत ही जल्द चुनाव करवाना होता है।

राज्यसभा में आज जानकारी दी गई कि गृह मंत्रालय ने संविधान के अनुच्छेद 67ए के तहत भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की सूचना तत्काल प्रभाव से दे दी है।

वहीं,विपक्षी दलों ने सोमवार को जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा देने पर सवाल उठाया। कांग्रेस ने कहा कि स्पष्ट रूप से, उनके अप्रत्याशित इस्तीफे में जो दिख रहा है, उससे कहीं अधिक है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी से धनखड़ को अपना मन बदलने के लिए मनाने का आग्रह किया।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने त्यागपत्र में धनखड़ ने कहा कि वह स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने के लिए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं।

कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने कहा कि धनखड़ ने सोमवार को अपराह्न साढ़े 12 बजे राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति की अध्यक्षता की थी। कांग्रेस ने कहा कि सोमवार अपराह्न एक बजे से शाम साढ़े चार बजे के बीच कुछ बहुत गंभीर घटित हुआ था कि केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा और किरेन रीजीजू कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में नहीं पहुंचे थे। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि धनखड़ मानदंडों, मर्यादाओं एवं नियमों के प्रति बेहद सजग थे और उनका मानना था कि उनके कार्यकाल में इन नियमों की लगातार अवहेलना की जा रही थी। कांग्रेस नेता के इस दावे पर सरकार की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

रमेश ने एक्स पर लिखा, कल जगदीप धनखड़ ने अपराह्न साढ़े 12 बजे राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति की अध्यक्षता की। इसमें सदन के नेता जे पी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू सहित अधिकतर सदस्य उपस्थित थे। कुछ चर्चा के बाद, कार्य मंत्रणा समिति ने शाम साढ़े चार बजे पुनः बैठक करने का निर्णय लिया। साढ़े चार बजे कार्य मंत्रणा समिति जगदीप धनखड़ की अध्यक्षता में दोबारा एकत्रित हुई। बैठक में नड्डा और रीजीजू के आने का इंतज़ार हो रहा था। वे नहीं आए। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि धनखड़ को व्यक्तिगत रूप से यह सूचित नहीं किया गया था कि दोनों वरिष्ठ मंत्री बैठक में शामिल नहीं हो रहे और धनखड़ को इसका बुरा लगा और फिर उन्होंने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक मंगलवार दोपहर एक बजे के लिए पुनर्निर्धारित कर दी।

रमेश ने दावा किया कि सोमवार अपराह्न एक बजे से शाम साढ़े चार बजे के बीच कुछ बहुत गंभीर घटना हुई जिसके कारण नड्डा और रीजीजू दूसरी कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में जानबूझकर अनुपस्थित रहे। उन्होंने कहा, बेहद चौंकाने वाला कदम उठाते हुए जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। उन्होंने इसकी वजह अपनी सेहत को बताया है। हमें इसका मान रखना चाहिए लेकिन सच्चाई यह भी है कि इसके पीछे कुछ और गहरे कारण हैं।

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