इंदौर: इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने महापौर सभाकक्ष में शाला प्रकोष्ठ विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक का प्रमुख उद्देश्य शैक्षणिक विकास से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था। विशेष रूप से, विगत बजट में स्वीकृत मॉडल स्कूलों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ परियोजनाओं के लिए टेंडर तो हो गए हैं, लेकिन ठेकेदारों द्वारा समय पर कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है।
महापौर भार्गव ने ऐसे मामलों में सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिए कि जो ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा में कार्य प्रारंभ नहीं कर रहे हैं, उनके टेंडर निरस्त किए जाएं और पुनः नए टेंडर जारी किए जाएं। साथ ही, जिन टेंडरों को स्वीकृति मिल चुकी है, उनके अंतर्गत निर्माण कार्यों की शीघ्र शुरुआत हेतु भूमिपूजन कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अतिरिक्त, बैठक में 29 गांवों में प्रस्तावित नवीन शाला भवनों के निर्माण को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। महापौर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ करना प्राथमिकता है और सभी संबंधित अधिकारी समयबद्ध कार्य योजना बनाकर इस दिशा में कार्य करें।
इस बैठक में महापौर परिषद सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया, अश्विनी शुक्ल, अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, सत्येन्द्र राजपूत सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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